चलती ट्रेन में बाहर झांककर देखने की कोशिश करते पोल से टकराने से मौत......
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ट्रेन का टिकट लेने उतरे भांजे को देख रहा था मामा, अगले ही पल में हो गई उसकी दर्दनाक मौत
बिलासपुर.चलती ट्रेन में बाहर झांककर भांजे को ट्रेन में चढ़ते देखने की कोशिश करते मामा की पोल से टकराने से मौत हो गई। वहीं प्लेटफार्म पर गिरकर भांजा घायल हो गया। जीआरपी ने इस मामले में मर्ग कायम कर लिया है। पेंड्रा के समीप ग्राम नेवसा नवापारा निवासी अनुरूप सिंह पिता स्व. हीरासिंह अपने भांजे दीपक कुमार पिता नंदलाल कुमार 20 के साथ बिलासपुर जाने के लिए 11 बजे पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। उनके साथ अनुरूप सिंह का एक दोस्त भी था। वे लोग पेंड्रारोड- बिलासपुर लोकल ट्रेनें से बिलासपुर आने वाले थे।
- स्टेशन पहुंचने के बाद अनुरूप ने दीपक को टिकट लाने कहा और स्वयं दोस्त के साथ ट्रेन में सवार हो गया। वे लोग जनरेटर बनवाने के लिए बिलासपुर आ रहे थे।
- 11.15 बजे ट्रेन छूटी तब तक दीपक नहीं पहुंचा था तो अनुरूप सिंह दरवाजे पर खड़ा होकर उसे देखने लगा।
- इस बीच दीपक प्लेटफार्म पर पहुंचा तो ट्रेन चलने लगी थी वह दौड़कर चढ़ने की कोशिश किया और फिसलकर प्लेटफार्म पर गिर गया।
- इस बीच अनुरूप सिंह उसे देखने के लिए अपने शरीर को ट्रेन से और बाहर निकाला। आधी ट्रेन प्लेटफार्म से बाहर निकल चुकी थी उसी समय अनुरूप का सिर खंभे से टकराया और वह ट्रेन से नीचे गिर गया।
- ट्रेन आगे बढ़ गई लोगों ने देखा तो इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी स्टाफ मौके पर पहुंचा और घायल अनुरूप और दीपक को लेकर गौरेला के विक्टोरियम हास्पिटल पहुंचे।
- अनुरूप का सिर फट गया था और काफी मात्रा में खून बह गया था। अस्पताल में जांच के बाद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं दीपक के हाथ पैर में खरोच आई।
- उसका भी इलाज कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद अनुरूप सिंह शव परिजनों को सौंप दिया गया। पेंड्रारोड जीआरपी ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है।
दोस्त बिलासपुर पहुंच गया
- अनुरूप सिंह के साथ उसका एक दोस्त भी ट्रेन में सवार हुआ था। उसके दोस्त को उसके गिरने का पता ही नहीं चला। ट्रेन से गिरने के समय ट्रेन में सवार कुछ लोगों ने उसे देखा अवश्य था लेकिन किसी को पता नहीं चला।
