पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, RSS के प्रशिक्षण समारोह में पहुंचे, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वागत किया.....
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प्रणब मुखर्जी के कदम पर सियासी हलचल तेज; कांग्रेस के नेता दौरे के विरोध में, मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी अपने पिता को सख्त नसीहत दे डाली.
खास बातें
- संघ के संस्थापक केबी हेडगेवार की जन्मस्थली पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति
- अतिथि पुस्तिका में लिखा हेडगेवार भारत माता के सपूत
- संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष के दीक्षांत समारोह में भाषण देंगे मुखर्जी
नई दिल्ली: कांग्रेस की परंपरा में रचे बसे दिग्गज नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने संघ के मुख्यालय पहुंच गए हैं. नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक केबी हेडगेवार की जन्मस्थली पहुंचे प्रणब मुखर्जी का स्वागत संघ प्रमुख मोहन भागवत ने किया. यहां उन्होंने अतिथि पुस्तिका में लिखा हेडगेवार भारत माता के सपूत हैं. संघ के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी संघ मुख्यालय पहुंचे. प्रणब मुखर्जी के इस कदम पर सियासी हलचल तेज है. कांग्रेस के तमाम नेता इस दौरे के विरोध में बोल रहे हैं. यहां तक कि प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी अपने पिता को सख्त नसीहत दे डाली है. गुरुवार शाम प्रणब मुखर्जी संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष के दीक्षांत समारोह में अपना भाषण देंगे. शाम साढ़े छह उनका भाषण होगा जो करीब 20 मिनट तक चलेगा. इससे पहले मोहन भागवत और भैयाजी जोशी के साथ 15 मिनट तक चाय पर चर्चा होगी.

प्रणब मुखर्जी के भाषण को लेकर उत्सुकता है क्योंकि वो कांग्रेस के नेता रहते कई बार आरएसएस की आलोचना कर चुके हैं. हालांकि संघ में पहली बार ऐसा नहीं हो रहा है. संघ ने ऐसे तमाम लोगों को पहले भी अपने कार्यक्रमों में बुलाया है जिनमें दलित चिंतक दादासाहेब रामकृष्ण और वामपंथी विचारों वाले कृष्णा अय्यर जैसे लोग शामिल हैं.
प्रणब मुखर्जी का कार्यक्रम :
मोहन भागवत, भैयाजी जोशी के साथ चाय पीने का कार्यक्रम. उसके बाद संघ के प्रमुख पदाधिकारियों का प्रणब मुखर्जी से परिचय कराया जाएगा. शाम 6.15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. जहां वह संघ शिक्षा वर्ग में हिस्सा लेने पहुंचेंगे.इसके बाद महानगर संघ चालक का प्रस्तावित भाषण. 6.35 बजे प्रणब मुखर्जी अपना भाषण देंगे. यह भाषण करीब 20 मिनट का होगा. आख़िर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर कई कांग्रेस नेताओं के बयान के बाद अब उनके परिजन ने ही इस पर सवाल उठा दिए हैं. प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि उनके पिता नागपुर जाकर ‘भाजपा एवं आरएसएस को फर्जी खबरें गढ़ने और अफवाहें फैलाने’ की सुविधा मुहैया करा रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनके ‘भाषण तो भुला दिए जाएंगे, लेकिन तस्वीरें (विजुअल्स) रह जाएंगी.’
शर्मिष्ठा ने भाजपा में अपने शामिल होने की अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस छोड़ने की बजाय राजनीति छोड़ना पसंद करेंगी. दिल्ली कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा ने अपने पिता को सचेत भी किया कि वह आज की घटना से समझ गए होंगे कि भाजपा का दुष्प्रचार (डर्टी ट्रिक्स) विभाग किस तरह से काम करता है. उन्होंने कहा, 'यहां तक कि आरएसएस कभी यह कल्पना भी नहीं करेगा कि आप अपने भाषण में उनके विचारों का समर्थन करेंगे. लेकिन भाषण को भुला दिया जाएगा और तस्वीरें रह जाएंगी तथा इनको फर्जी बयानों के साथ फैलाया जाएगा.' उन्होंने कहा, 'आप नागपुर जाकर भाजपा/आरएसएस को फर्जी खबरें गढ़ने, अफवाहें फैलाने और इनको किसी न किसी तरह विश्वसनीय बनाने की सुविधा मुहैया करा रहे हैं और यह तो सिर्फ शुरुआत भर है.'
