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नई दिल्ली : अग्निपथ योजना को लेकर तीनों सेना के प्रमुख मंगलवार यानि आज पीएम मोदी से मिलेंगे. इस मुलाकात के दौरान तीनों सेनाध्यक्ष सेना की नई भर्ती योजना (Agnipath Scheme) को लेकर उन्हें ब्योरा देंगे. बता दें कि इस योजना की घोषणा के बाद से ही देशभर में कई जगह हिंसक प्रदर्शन हुए थे. बिहार में कई ट्रेनों में आग लगा दी गई थी. इसके साथ ही बीजेपी मुख्यालयों को भी निशाना बनाया गया था.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
अग्निपथ योजना के तहत जो युवा चुने जाएंगे उन्हें अग्निवीर बुलाया जाएगा. पीएम मोदी ने रविवार को इस योजना का सीधे तौर पर नाम लिए बगैर कहा था कि ये हमारे देश का दुर्भाग्य है कि यहां कई सारी अच्छी योजनाएं राजनीति के रंग में फंस कर रही जाती हैं. मीडिया भी सिर्फ टीआरपी के लिए किसी भी मुद्दे को लंबा खींचने लगती है.
इससे पहले सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के देश के कई हिस्सों में हो रहे विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कई फैसले शुरुआत में अनुचित लग सकते हैं लेकिन बाद ये बाद में राष्ट्र निर्माण में मदद करते हैं.पीएम ने बेंगलुरू में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "कई फैसले वर्तमान में अनुचित लगते हैं लेकिन यह देश के निर्माण में मदगार बनेंगे." हालांकि उन्होंने अग्निपथ योजना का सीधे तौर पर कोई संदर्भ नहीं दिया.
सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के विरोध में कुछ संगठनों ने कल भारत बंद का आव्हान किया था. विरोध के चलते रेलवे को 500 से अधिक ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था. अग्निपथ योजना के ऐलान के बाद से अब तक हुई आगजनी और तोड़फोड़ में देश की संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है.
योजना के हो रहे विरोध के बीच, गृह मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और असम राइफल्स में भी 10 फीसदी नौकरी आरक्षित करने का ऐलान किया है. सीएपीएफ और असम राइफल्स में अग्निवीरों को आयु सीमा में तीन साल की छूट दी गई है.
माना जा रहा है कि इस कदम से अर्धसैनिक बलों में अग्निवीरों को नौकरी देने की राह भी आसान होगी. भारतीय नौसेना के अग्निवीरों के लिए मर्चेंट नेवी में रोजगार के अवसर देगा. इसके लिए जहाज रानी मंत्रालय द्वारा छह सेवा मार्ग को भी शामिल किया है. इससे अग्निवीरों के लिए अनेक अवसर खुले हैं.
इससे पहले राज्य सरकार ने बीते दो साल में कोई भर्ती न किए जाने को ध्यान में रखते हुए अग्निपथ योजना में शामिल होने की उम्र सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 साल किया था. इस घोषणा के बाद कई राज्य सरकारों ने कहा है कि वो अपने राज्य में होने वाले पुलिस भर्तियों में भी अग्निवीरों को वरीयता देंगी.
अग्निपथ योजना के विरोध में हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने तनाव कम करने और आक्रोशित युवाओं को शांत करने के लिए कई कदम उठाए हैं. रक्षा मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए कोस्ट गार्ड और राज्यों द्वारा चलाई जाने वाली सुरक्षा एजेंसियों में 10 फीसदी नौकरी आरक्षित करने का फैसला किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए केंद्र की ‘अग्निपथ' योजना को ‘दिशाहीन' करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसे वापस करवाने के लिए संघर्ष का वादा करती है.
प्रदर्शनकारी युवाओं का आरोप है कि योजना के तहत चार साल के अनुबंध की समाप्ति के बाद उनके पास कोई सेवानिवृत्ति लाभ नहीं होगा और वे अधर में होंगे. युवाओं की आशंकाओं के निराकरण के लिये गृह और रक्षा मंत्रालय ने कई रियायतों और प्रोत्साहनों की घोषणा की जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उनके पुन: रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी अग्निपथ भर्ती योजना को वापस लेने की मांग की और कहा कि पिछले दो वर्ष में जिन उम्मीदवारों ने शारीरिक परीक्षण उत्तीर्ण कर ली है, उन्हें सेना में शामिल होने के लिए लिखित परीक्षा में भाग लेने का मौका अवश्य मिलना चाहिए.