धान के कटोरे में निवेश की अपार संभावनाएं
शशांक खरे
छत्तीसगढ़ न केवल धान के कटोरे के रूप में विश्वविख्यात है, बल्कि ये उपजाऊ भूमि निवेशकर्ताओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. छत्तीसगढ़ में निवेश करने वाले उद्यमियों की तादाद बताती है, कि यहां प्रचुर नैसर्गिक संसाधन, अनुकूल वातावरण और प्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियां बेहद प्रभावशाली हैं. एक नवंबर 2024 से 31 मार्च 2030 तक नई नीति के तहत समग्र विकास के रास्ते खोले गए हैं. इससे बड़ी संख्या में इन्वेस्टर्स रुचि लेकर छत्तीसगढ़ में अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं. ये राज्य के चतुर्दिक विकास की दिशा में मील के पत्थर से कम नहीं है. अगर हम राज्य की भौगोलिक स्थिति से तुलना करें तो जिन क्षेत्रों में खनिज और वनोपज की प्रचुरता है, उन स्थानों पर भी अधिक से अधिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मजबूत नीतियां बनाई हैं.
राज्य में संसाधनों का समुचित दोहन करने और इन्वेस्टर्स को अधिक से अधिक बुनियादी सुविधाएं, यथा- सड़क, बिजली और पानी उपलब्ध कराने सरकार ने जो खाका तैयार किया है, उससे यह साबित होता है, कि सरकार हर हाल में राज्य में तीव्र औद्योगिक विकास तथा अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना चाहती है. इसके लिए वोएमयू के सहारे कई इन्वेस्टर्स से क़रार कर उन्हें सुरक्षित और सुनिश्चित माहौल देने अपने इरादे को दोहरा दिया है. छत्तीसगढ़ में विभिन्न कंपनियों की कई इकाइयां काम कर रही हैं. भंडारण क्षमता और उन्नत शीतगृहों का निर्माण कर प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार निवेशकों को किए वादे पूर्ण कर रही है. सड़क, रेल और हवाई सेवाओं का विस्तार सरकार के दृढ़ संकल्पों का परिणाम है. सस्ती दर पर जमीन देकर सरकार उन्हें अनिश्चितता के माहौल से निकाल रही है. सरकार का साफ़ कहना है, कि इंवेस्टर्स उद्योगों की स्थापना के लिए भूखंड के मामले में निश्चिंत रहें. आर्टिफिशियल तकनीक (एआई) का रचनात्मक इस्तेमाल, सूचना और प्रौद्योगिकी का विस्तार कर प्रदेश में आईटी, आईआईटी, आईएमएम, एनआईटी जैसी तकनीकि शैक्षिक संस्थाओं का विस्तार और सतत मानिटरिंग कर राज्य के युवाओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में अपने घर-अपने ही शहर में रोजगार के जोड़ रही है. इतना ही नहीं, प्रदेश सरकार स्थानीय स्तर पर लघु, कुटीर उद्योगों को भी प्रमुख रूप से स्थान देकर आगे बढ़ा रही है. ताकि, निवेशकों के सामने एक उदाहरण पेश हो सके. राज्य सरकार की विभिन्न औद्योगिक नीतियों से प्रभावित होकर कई निवेशक लगातार छत्तीसगढ़ में अपने उद्योग लगाने आगे आ रहे हैं. जो कि प्रदेश के लिए एक शुभ संकेत है.
