पंचांग के मुताबिक इस साल मोहिनी एकादशी 12 मई, गुरुवार को पड़ने वाली है. धार्मिक मान्यता है कि मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से पाप और दुखों से छुटकारा मिलता है.......
खास बातें
- 12 मई को पड़ रही है मोहिनी एकादशी.
- भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की होती है पूजा.
- द्वादशी तिथि में किया जाता है पारण.
वैशाख शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है. पंचांग के मुताबिक इस साल मोहिनी एकादशी 12 मई, गुरुवार को पड़ने वाली है. धार्मिक मान्यता है कि मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से पाप और दुखों से छुटकारा मिलता है. मान्यतानुसार मोहिनी एकादशी व्रत के महत्व ( के बारे में गुरू वशिष्ठ ने प्रभु श्रीराम को बताया था. आइए जानते हैं मोहिनी एकादशी व्रत के बारें में.
मोहिनी एकादशी व्रत की कथा क्या है?
कहा जाता है कि एक बार युधिष्ठिर ने श्रीकृष्ण से मोहिनी एकादशी व्रत के महत्व के बारे में बताने के लिए कहा. तब भगवान श्रीकृष्ण ने बताया कि मोहिनी एकादशी का व्रत वैशाख शुक्ल की एकादशी के दिन रखा जाता है. मोहिनी एकादशी व्रत की कथा कुछ इस प्रकार है. पौराणिक मन्यतानुसार, समुद्र मंथन के समय अमृत कलश को प्राप्त करने के लिए देवताओं को दानवों के बीच विवाद खड़ा हो गया. दरअसल दोनों ही अमृत पीकर अमर हो जाना चाहते थे. अमृत कलश का विवाद जब युद्ध का रूप लेने लगा तो भगवान विष्णु ने एक सुंदर स्त्री का रूप धारण किया. भगवान विष्णु के मोहिनी रूप को देखकर असुर मोहित हो उठे. इस बीच देवताओं ने अमृत पी लिया. जिससे वे अमर हो गए. माना जाता है कि भगवान विष्णु ने जिस दिन मोहिनी रूप धारण किया था, वह दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी थी. इसलिए इस दिन मोहिनी एकादशी मनाई जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती है.
मोहिनी एकादशी व्रत में रखा जाता है इन बातों का ध्यान
धार्मिक मान्यतानुसार, मोहिनी एकादशी व्रत का कठोरता से पालन किया जाता है. इस दिन व्रत रखने वाले भक्त अन्न ग्रहण नहीं करते हैं. साथ ही जो लोग व्रत नहीं रखते हैं, वो इस दिन चावल का सेवन नहीं करते हैं, क्योंकि एकादशी के दिन चावल का सेवन निषेध माना गया है. एकादशी व्रत के पारण का भी खास महत्व है. एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है.
मोहिनी एकादशी तिथि
पंचांग के मुताबिक मोहिनी एकादशी 12 मई को पड़ रही है. एकादशी तिथि कि शुरुआत 11 मई को शाम 7 बजकर 31 मिनट से हो रही है. वहीं एकादशी तिथि का समापन 12 मई को शाम 6 बजकर 51 मिनट पर होगा.
मोहिनी एकादशी पारण (M
मान्यतानुसार मोहिनी एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है. ऐसे में जो लोग 12 मई को मोहिनी एकादशी का व्रत रखेंगे, वे 13 मई को पारण कर सकते हैं. मोहिनी एकादशी व्रत के पारण का शुभ मुहूर्त 13 मई को सुबह 7 बजकर 59 मिनट तक है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.
