लगातार फैल रहे मंकीपॉक्स को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ निर्देश जारी किए हैं. जानिए इस वायरस से बचने के लिए किन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है.......
Monkeypox Virus: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यानी WHO ने हाल ही में मंकीपॉक्स को वैश्विक बीमारी बताते हुए पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी है और साथ ही इसे वैश्विक चिंता का विषय बताया है. मंकीपॉक्स के विषय में रीजनल डायरेक्टर, WHO साउथ-ईस्ट एशिया रीजन, पूनम खेत्रपाल सिंह का कहना है कि मंकीपॉक्स उन देशों में भी फैलता हुआ देखा जा रहा है जहां पहले कभी नहीं देखा गया. वहीं, भारत में भी इसके बढ़ते मामले सामने आ रहे हैं. आइए जानें, किन लोगों को मंकीपॉक्स का खतरा ज्यादा है या कौन मंकीपॉक्स के शिकार अधिक हो रहे हैं व इस संबंध में कौनसी जरूरी सावधानियां बरती जानी जरूरी हैं.
मंकीपॉक्स वायरस लक्षण और सावधानी
- मंकीपॉक्स, मंकीपॉक्स वायरस के कारण होता है जोकि ओर्थोपॉक्सवायरस जीनस का मेंबर है.
- मंकीपॉक्स होने पर व्यक्ति के शरीर पर 2 से 4 हफ्तों तक लक्षण दिखाई दे सकते हैं. वहीं, इसकी मृत्युदर फिलहाल 3 से 6 फीसदी के बीच है.
- WHO के अनुसार मंकीपॉक्स उन लोगों से फैलता है जो पहले से मंकीपॉक्स से पीड़ित हों. जो व्यक्ति मंकीपॉक्स के मरीज के बेहद करीब रहता हो उसके लिए इस वायरस की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता है.
- हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, WHO का कहना है कि जो पुरुष आपस में सेक्स करते हैं यानी समलैंगिक पुरुष, उनमें मंकीपॉक्स फैलने का खतरा ज्यादा है.
- मंकीपॉक्स बॉडी फ्लुइड्स और पीड़ित व्यक्ति के साथ सोने पर फैल सकता है.
- मंकीपॉक्स होने पर व्यक्ति को बुखार, रैशेज, सूजन और अन्य मेडिकल कोमलिकेशंस हो सकती हैं.
- स्मॉलपॉक्स (Smallpox) के लिए बनाए गए एंटीवायरल ट्रीटमेंट को ही मंकीपॉक्स के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.
- WHO के निर्देशानुसार मंकीपॉक्स से बचाव के लिए जंगली जानवरों से बचकर रहें खासकर उनसे दूरी बनाकर रखें जो बीमार हों या मारे हुए हों. इन जानवरों के मीट, खून और शरीर के अन्य हिस्सों से भी पूरी तरह दूरी बनाकर रखें.
- जबतक कि मीट पूरी तरह ना पका हुआ हो उसे ना खाएं.
- इसके अलावा, घर का पालतू जानवर यदि संक्रमित हो जाए तो उसे 30 दिनों तक क्वारंटाइन करके रखें.
