चीन ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने सोमवार को विवादित दक्षिण चीन सागर द्वीप के पास से मिसाइल विध्वंसक भेजकर तनाव भड़काने की कोशिश की है....
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नई दिल्ली: अबुधाबी न्यायिक विभाग (एडीजेडी) ने अरबी और अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी को शहर की अदालत में बोली जाने वाली तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दे दी है. स्थानीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, अबूधाबी न्यायिक विभाग ने कहा कि इस कदम का मकसद विदेशियों को बिना भाषाई बाधा के मुकदमेबाजी की प्रक्रिया, उनके अधिकार व कर्तव्य के बारे में सीखने में मदद करना है. विभाग ने कहा कि इसके अलावा इस कदम का उद्देश्य विभाग की वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध एकीकृत फॉर्म के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है.
एडीजेडी के अंडरसेक्रेटरी यूसुफ साइद अल अबरी ने कहा, "दावा पत्र, शिकायतों व अनुरोधों के लिए बहुभाषी इंटरेक्टिव फॉर्मो को अपनाने का उद्देश्य न्यायिक सेवाओं को बढ़ावा देना और मुकदमेबाजी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को बढ़ाना है. अल अबरी ने बताया कि द्विभाषी मुकदमेबाजी प्रणाली के हिस्से के रूप में नई भाषा को अपनाया गया है. इस प्रणाली का पहला चरण नवंबर 2018 में शुरू हुआ था. प्रक्रिया में आवश्यकता होती है कि अगर अपराधी विदेशी होता है तो वादी को सिविल और व्यावसायिक मुकदमों के दस्तावेजों का अनुवाद अंग्रेजी में कराना होता है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात की आबादी 90 लाख से ज्यादा है, जिसमें 88.5 फीसदी प्रवासी मजदूर हैं. इस आबादी में 38 फीसदी भारतीय हैं.
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि अबू धाबी द्वारा अपनी अदालतों में हिंदी को एक आधिकारिक भाषा के तौर पर घोषित करने से उस देश में रहने वाले भारतीयों के लिए न्याय अधिक आसान और सुलभ बनेगा.
::/fulltext::बगदाद। इराक में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के बहुत बड़े समूह का पता लगाकर 186 आतंकवादियों को पकड़ लिया गया है। ये आतंकवादी आत्मघाती हमलों, बम विस्फोट को अंजाम देने और अंतरराष्ट्रीय राजमार्ग पर सैनिकों की हत्याएं करने के आरोपी हैं। हिरासत में लिए गए आतंकवादियों ने अपराधों को स्वीकार कर लिया है और कुछ को मौत की सजा दी गई है। इराक के गृह मंत्रालय ने सोमवार को घोषणा की कि इराक के पश्चिमी प्रांत अनबर में देश में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने वाले 186 आतंकवादियों को पकड़ा गया है। इस अभियान के प्रवक्ता साद मान ने अनबर प्रांतीय परिषद के प्रमुख अहमद अल अलवानी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त सेना अनबर के सबसे बड़े आईएस सेल को धवस्त करने में कामयाब रही।
ये आतंकवादी आत्मघाती हमलों, बम विस्फोट को अंजाम देने और अंतरराष्ट्रीय राजमार्ग पर सैनिकों की हत्याएं करने के आरोपी हैं। प्रवक्ता के अनुसार हिरासत में लिए गए आतंकवादियों ने अपराधों को स्वीकार कर लिया है और कुछ को मौत की सजा दी गई है। इन आतंकवादियों ने वर्ष 2017 के अंत में अनबर शहर पर कब्जा कर लिया था और आईएस में शामिल होने से इंकार करने वाले अल बुन निमर जाति के लोगों की हत्याएं कर दी थीं। संवाददाता सम्मेलन में अल अलवानी ने अनबर में आतंकवाद खत्म करने ने लिए इराक के प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल महदी और गृह मंत्रालय से खुफिया विभाग के सहयोग की मांग की।