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रायपुर.पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी के मामले फंसे लवली खनूजा की पूरे मामले में अहम भूमिका सामने आ रही है। सीबीआई की जांच में ऐसे क्लू मिले है कि पोर्न साइट से जिस अश्लील फिल्म की क्लिपिंग निकालकर उसमें मंत्री का चेहरा लगाया गया,उसकी ओरिजिनिल क्लिपिंग लवली खनूजा के पास थी। सीडी वायरल होने के बाद जब बवाल मचा, तब अगले दिन खनूजा ने ही असली क्लिपिंग उजागर कर दी लेकिन दावा यह किया गया कि असली क्लिपिंग उसी ने ढूंढी थी।
कारोबारी खनूजा को असली क्लिपिंग कहां से मिली थी, अब तक नहीं हो पाया स्पष्ट
- सीडी की टेंपरिंग करने के मामले में सीबीआई के शक के दायरे में आने वाले संदेही अब एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सीडी कांड के अलावा उनके पुराने मामलों की जानकारी सीबीआई को दी जा रही है। संदेहियों के बयान से ही सीबीआई को कई अहम जानकारियां मिल रही हैं।
- उनके बयान के आधार पर पुष्टि के लिए तकनीकी जांच करवायी जा रही है। उसमें उनके बयानों की पुष्टि हो रही है। सूत्रों के अनुसार 27 अक्टूबर की सुबह जब मंत्री की कथित अश्लील वीडियो क्लिपिंग वायरल हुई तो प्रदेश की राजनीति में खलबली मच गई।
- सभी वायरल हुए अश्लील वीडियो को ही असली मान रहे थे। उसे लेकर राजनीति भी शुरू हो गई। सीडी वायरल होने के कुछ घंटे पहले पुलिस दिल्ली में पत्रकार विनोद वर्मा को सीडी के साथ गिरफ्तार कर चुकी थी।
- इससे मामला और गरमा गया था, लेकिन सीडी उजागर होने के 24 घंटे के भीतर सीडी का सच सामने आ गया। उसके बाद लगभग ये स्पष्ट हो गया कि पोर्न साइट से फिल्म निकालकर उसकी तीन क्लिपिंग में चेहरा बदला गया है।
- उस समय अचानक असली सीडी सामने आने से सब भौंचक्क थे। अब ये खुलासा हो रहा है कि असली सीडी लवली खनूजा ने उपलब्ध कराई थी। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कारोबारी खनूजा को असली क्लिपिंग कहां से मिली थी। उसने इसकी जानकारी सीबीआई काे दे दी है।
दो संदेहियों ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई
- सीबीआई के सामने दो संदेहियों ने सरकारी गवाह बनाने की पेशकश की है। उनकी पेशकश पर अब तक सीबीआई ने कोई जवाब नहीं दिया है। भाजपा नेता कैलाश मुरारका भी सरकारी गवाह बनने की पेशकश कर चुके हैं।
- ऐसी चर्चा है कि उन्हें सीबीआई सरकारी गवाह बनाने से इनकार कर दिया हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई किसी एक को सरकारी गवाह बना सकती है ताकि मामले में बाकी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
- चर्चा है कि सीबीआई ने रिंकू से राज उगलवाने के लिए सरकारी गवाह बनने का ऑफर दिया था। वह पूरे मामले में मुख्य कड़ी था, लेकिन उसके खुदकुशी करने से कई राज दफ्न हो गए।
पंडरी में दर्ज केस में बदलेगी धारा
- सीबीआई पुलिस द्वारा दर्ज धाराओं के तहत ही आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी, हालांकि कोर्ट में इसमें से कुछ धाराएं बदल जाएगी। पुलिस ने भाजपा नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर धारा 384 और 506 के तहत केस दर्ज किया था, लेकिन जांच में धारा 506 का अपराध नहीं पाया गया है।
- उसकी जगह धारा 507 यानी फोन पर धमकी देने का केस दर्ज होगा। रायपुर पुलिस ने पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली में तीन और धारा बढ़ाई थी। जांच के बाद साजिश रचने के लिए धारा 120बी, अश्लील सामाग्री रखने के लिए 252 और 66 आईटी एक्ट का केस दर्ज किया था।
- इसी धाराओं के तहत सीडी की टेंपरिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनकी गिरफ्तारी भी इसी के तहत होगी। सीबीआई की आगे की कार्रवाई दिल्ली में तय होगी। वहां वरिष्ठ अफसरों से कार्रवाई को लेकर चर्चा किया जाए रहा है।
संदेहियों को दिखाया गया वीडियो फुटेज
- सीबीआई ने पूछताछ के दौरान चार संदेहियों का पहले अलग-अलग बयान लिया। उसके बाद सभी को आमने-सामने कराया गया। इस दौरान उन्हें होटल, एयरपोर्ट और दुकानों से जब्त कुछ वीडियो फुटेज दिखाए गए। उन्हें कॉल डिटेल की मोटी फाइल भी दिखाई, ताकि संदेही सीबीआई को गुमराह न कर सके।
खनूजा के फोन का लोकेशन दुकान पर ही
- पुलिस ने रिंकू के 4 जून के मोबाइल लोकेशन निकाल लिया है। कारोबारी सुबह 8:15 घर से कछुआ देने के लिए घर से निकला था। उसने 8:42 को अपने फैमिली ग्रुप में एक मैसेज डाला। उसके बाद से वह गायब हो गया। उसका मोबाइल का लोकेशन दुकान ही दिखा रहा है।
- पुलिस को शक है कि उसने दिन में ही खुदकुशी कर ली थी। साइबर एक्सपर्ट उसके मोबाइल को खंगाल रहे है। जांच के दौरान पुलिस को उसके हैंडसेट में एक सिम मिला है, जिसका नंबर उसके परिजनों के पास नहीं था। उसने उस नंबर से कुछ ही लोगों से संपर्क किया है। चर्चा है सीडी कांड के खुलासे के बाद उसने नया नंबर खरीदा था। इसमें सीडी कांड से जुड़े लोगों से वह बातचीत करता था। पुलिस उस नंबर का कॉल डिटेल खंगाल रही है।
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