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रायपुर. चंद्रखुरी पुलिस एकेडमी से एक बड़ी खबर निकल कर आ रही है….तीन महिला समेत चार डीएसपी कल नकल करते पकड़े गए हैं। पीएचक्यू के परीक्षा निरीक्षक ने ट्रेनिंग के फायनल एग्जाम के लिखित परीक्षा में उन्हें चिट मारते पकड़ा। छत्तीसगढ़ पुलिस के इकलौते प्रशिक्षण संस्थान में पहली बार नकल का मामला बना है। इससे एकेडमी में हड़कंप मच गया है।
::/introtext::पुलिस के सूत्रों के अनुसार 2016 बैच के डीएसपी का अकादमी में ट्रेनिंग चल रहा है। फर्स्ट फेज की लिखित परीक्षा में यह प्रकरण सामने आया। बताते हैं, पुलिस मुख्यालय में तैनात एडिशनल एसपी पूजा अग्रवाल और डीएसपी चंदन सिंह नेताम को परीक्षा नियंत्रक बनाया गया था। पूजा अग्रवाल ने डीएसपी कल्पना वर्मा, आशा कुमारी सेन और योग्यता साहू को और चंदन सिंह ने अभिषेक पैकरा को उत्तर पुस्तिका के नीचे चुटका दबाकर नकल करते पकड़ा। इनमें से एक महिला डीएसपी तो किताब ही लेकर आ गई थी। परीक्षा नियंत्रकों ने तत्काल नकल प्रकरण बनाकर उच्चाधिकारियों के पास इसकी जानकारी भेज दी।
नकल प्रकरण के बाद इस मामले पर लीपापोती की कोशिशें शुरू हो गई है। एकेडमी के अफसरों ने इस मामले पर चुप्पी साध ली है। हालांकि, डीआईजी आरएस नायक ने नकल पकड़े जाने की पुष्टि की। मगर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी परीक्षा शून्य धोषित कर फिर से एग्जाम लिया जाएगा। लेकिन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के केस में ट्रेनी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। मध्यप्रदेश के समय में कई बार ऐसा हुआ कि प्रशिक्षु अफसरों को फिर से ट्रेनिंग करनी पड़ी। क्योंकि, अफसर आगे जाकर एसपी, आईजी, एडीजी तक बनते हैं। यदि ट्रेनिंग में ही नकल करेंगे तो आगे जाकर क्या करेंगे।
पीएचक्यू से कडाई
चंद्रखुरी पुलिस अकादमी में नकल मामला कोई नया नहीं है। सालों से ये होता आ रहा है। आरोप तो यह भी कि अकादमी के अफसरों की खातिरदारी कर अधिकांश प्रशिक्षु अफसर नकल मारने की छूट ले लेते थे। एक डायरेक्टर के समय से तो रेट तय हो गए थे। पेपर के हिसाब से पैसा दो और नकल मारो। लेकिन, पीएचक्यू की नोटिस में ये बात आने के बाद इस बार कड़ाई कर दी गई। परीक्षा नियंत्रकों को हिदायत दी गई कि परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।