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दीपमाला ने पत्र में लिखा है ‘डीसी सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करते हैं। वे किसी एक को टार्गेट कर चिल्लाते हुए डांटते हैं कि शेष सब के बीच भय का माहौल कायम हो। डीसी का ट्रांसफर होने पर वह लड्डू बाटेंगी। मैं एक साल से फीयर सायकोसिस में जी रही हूं। मुझे किसी का सपोर्ट नहीं चाहिए। मै जानती हूं कि पत्र लिखने का नतीजा कितना खराब होगा।
वायरल लेटर की कॉपी (पेज- 3 और 4)
दीपमाला ने आरोप लगाया है कि अधिकारी को डेरोगेट कर डीसी को सैडिस्टिक प्लेजर का अनुभव होता है। छोटा बेटा रात में मेरे साथ रहना चाहता है। जब से यह बताया, उन्होंने जानबूझ कर रात में ही ड्यूटी लगाई। वह भी वहां, जहां महिला अधिकारी सुरक्षित नहीं। ऐसे में उनका रेप या हत्या हो जाए तो क्या डीसी उसकी जिम्मेवारी लेंगे।
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उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यह पत्र लिखने के बाद उनका CR खराब हो जाएगा. मजिस्ट्रेट दीपमाला ने यह भी लिखा है कि जब स्थिति हाथ से बाहर हो गई तब उन्होंने उपायुक्त हजारीबाग के नाम एक खुला पत्र लिखा है.
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हालांकि दीपमाला से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने इस तरह की चिट्ठी लिखे जाने से इनकार किया है. वहीं डीसी ने कहा कि इस तरह का कोई मामले मेरे संज्ञान में नहीं आया है. जब शिकायत पहुंचेगी तब देखेंगे.
हजारीबाग(झारखंड) । झारखंड के एक IAS पर सनसनीखेज आरोप लगा है। IAS अभी हजारीबाग के कलेक्टर (उपायुक्त) हैं। डीसी यानि डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर रविशंकर शुक्ला पर महिला मजिस्ट्रेट ने शोषण का आरोप लगाया है। महिला मजिस्ट्रेट का नाम दीपमाला है। हजारीबाग के डीसी रविशंकर शुक्ल पर टॉर्चर के आरोप लगाते हुए एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट दीपमाला ने खुला पत्र लिखा है जो व्हाट्स ऐप पर वायरल हो गया है। उन्होंने इस पत्र में डीसी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपमाला ने इस संबंध में अभी तक वरीय अधिकारियों को कोई शिकायत नहीं दी है, मगर वायरल हुए उनके 9 पेज के पत्र पर अपर मुख्य सचिव कार्मिक, केके खंडेलवाल ने उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त से पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।