माघ पूर्णिमा माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या और पूर्णिमा के दिन स्नान और विशेष वस्तुओं का दान करने से समस्याएं समाप्त होती हैं, साथ ही साधक को पुण्य की प्राप्ती होती है। आपको बता दें, कि माघ पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा भी कहते हैं। माघ पूर्णिमा के दिन पवित्रनदियों में स्नान करने के बाद दान दिया जाता है। इससे पुण्य प्राप्त होता है। इस बार माघ पूर्णिमा की सुबह ढाई घंटे से अधिक समय तक भद्रा भी है। भद्रा सुबह सात बजकर सात मिनट से सुबह 10 बजकर 44 मिनट तक है।
माघ पूर्णिमा मुहूर्त 2023
4 फरवरी को रात 09:29 बजे से माघ पूर्णिमा तिथि पंचांग के अनुसार लग रही है, ये 05 फरवरी को रात 11:58 बजे तक रहेगी। वहीं 5 फरवरी 2023 को सूर्योदय के समय माघ पूर्णिमा तिथि रहेगी व रात में पूर्णिमा का चांद भी होगा। इस वजह से माघ पूर्णिमा व्रत, स्नान और दान 05 फरवरी को दिया जाएगा।

माघ पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का बहुत महत्व है। 5 फरवरी 2923 को स्नान व दान सुबह से शुरु हो जाएगा। इस दिन प्रयागराज के संगम में माघ पूर्णिमा का स्नान करना बहुत ही पुण्य माना जाता है। माघ पूर्णिमा को स्नान के बाद किसी गरीब ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र, दान किया जाता है। स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण किया जाता है।
माघ पूर्णिमा के महत्व को आप इससे ही समध सकते हैं कि इसे संगम पर स्नान से अश्वमेध यज्ञ के समान ही पुण्य मिलता है। भगवान विष्णु अशीर्वाद देते हैं। माघ पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख, समृद्धि का वास घर में होता है। पुराणों में है कि माघ मास में किसी भी नदी का जल गंगा जल तुल्य पवित्र होता है। माघ पूर्णिमा के दिन खुद नारायण पृथ्वी पर जलराशियों में विशेषकर गंगा जल में वास करते हैं, इसलिए प्रयाग, हरिद्वार, काशी समेत अन्य श्रेष्ठ तीर्थों में भगवान महादेव खुद स्नान के लिए आते हैं।
