भारत में हिंदू संस्कारों का जीवन में विशेष महत्व है। क्योंक् ये संस्कार आपके लाइफ स्टाइल में हैं, जिनको आप निभाते आ रहे हैं। भारत में परंपराएं और रीति-रिवाज जब एक बच्चे का जन्म होता है, तब से उसका पालन शुरू हो जाता है और जीवन के हिस्से के रूप में उनको निभाए जाते हैं। लेकिन हिंदू संस्कारों का महत्व सिर्फ धर्म से ही नहीं है बल्कि हर कार्य के पीछे विज्ञान है। सैकड़ों वर्षों से देश में हिंदुओं ने सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न तरह के रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हैं। ये रीति-रिवाज भारत में अलग-अलह तरह के अलग-अलग स्थानों पर होते हैं। आइये जानते हैं कि हिंदी रीति-रिवाजों के पीछे के विज्ञान क्या कहता है-

1. सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार, शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। सूर्य की पहली किरण से योग आसन। इस योग आसन के माध्यम से शरीर के सभी हिस्सों में रक्त का संचार होता है। इसके साथ ही इस योगा के माध्यम से लोगों में सुबह जल्दी उठने की परवृत्ति जाग-त होती है। इस योगा आसन से लोगों को वृद्धावस्था में भी लचीलापन और तंदुरूस्ती मिलती है।

हिंदू संस्कृति में जब किसी से मिलते हैं तो 'नमस्कार' करते हैं, इसके पीछ वैज्ञानिक कारण भी है। नमस्कार के वक्त दोनो दोनों हाथों को मिलाने से सभी अंगुलियों के सिरों को एक साथ छूते हैं, जो आंखों, कानों और ब्रेन में दबाव बिंदुओं से जुड़े होते हैं। इनके एक साथ दबाने से ये सक्रिय हो जाते हैं, जिससे याददाश्त में बढ़ोत्तरी होती है।

3. सोने की दिशाएं
हिंदू धर्म में उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने के पीछे विज्ञान है। मैग्नेट पृथ्वी का मध्याह्न (meridian) मस्तिष्क की केशिकाओं के माध्यम से खून के प्रवाह को धीमा करता है। अगर शख्स उत्तर की ओर सिर करके सोता है तो रक्त कोशिकाएं कार्य तेजी से करती हैं।

4. पीपल के पेड़ की पूजा
भारतीय पीपल के पेड़ की पूजा करते , इसका वैज्ञानिक कारण है, पीपल का पेड़ दिन-रात ऑक्सीजन पैदा करता है। इसलिए, हमारे भाकत में पीपल के वृक्ष की पूजा की जाती है।

माथे पर भौंहों के बीच का स्थान को तंत्रिका बिंदु कहा जाता है। कहते हैं कि तिलक ऊर्जा के नुकसान पर रोक लगाता है। साथ ही एकाग्रता बनाकर रखता है। टीका लगाने पर चेहरे की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति आराम से होती है।

6. मंदिरों में घंटियां
जहां भी मंदिर है, वहां पर प्रवेश करते वक्त घंटी बजाई जाती है, क्योंकि कहा जाता है कि इसकी आवाज दिमाग को साफ करती है। एकाग्रता बनाए रखती है। घंटी की गूंज का वक्त आपके शरीर के सभी सात उपचार केंद्रों को सक्रिय करने के लिए आदर्श है, जिससे नकारात्मकता दूर होता है।

हिंदू धर्म में बड़ों के पैर छूए जाते हैं, जिसके बाद वो आर्शिवाद देते हैं। लेकिन इसमें भी साइंस है। चरण स्पर्श करने से हृदय से सकारात्मक विचार और ऊर्जा निकलती है। आपकी उंगलियां और हथेलियां ऊर्जा की 'ग्राही' हो जाती हैं। दूसरे व्यक्ति के पैर ऊर्जा के 'दाता' बन जाता है।
