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नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब-हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश के साथ देश के ज्यादातर इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. दिल्ली में रविवार को तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन आसमान से बरसते अंगारों के बीच एक राहत भरी खबर आई है कि मानसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोमवार को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में आगाज कर दिया है, जो चार महीने लंबी चलने वाली मौसमी बारिश की शुरुआत का संकेत है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ये खुशखबरी दी है. मौसम विभाग ने कहा कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और आसपास के इलाकों में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के मजबूत होने के कारण बारिश हो रही है.
मौसम विभाग ने कहा, साउथ वेस्ट मानसून के अगले 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, पूरे अंडमान द्वीप समूह के अलावा पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं. अगले पांच दिनों के दौरान लक्षद्वीप और उत्तरी तमिलनाडु तट पर चक्रवात की उपस्थिति के चलते केरल, तटीय और दक्षिण कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में गरज या तेज हवाओं के साथ व्यापक वर्षा होने की उम्मीद है.
मौसम विभाग ने कहा कि तमिलनाडु में सोमवार से बुधवार तक और अगले दो दिनों में लक्षद्वीप क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है. इसने कहा कि बुधवार को कर्नाटक के तटीय और दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है. पिछले हफ्ते, मौसम विभाग ने कहा था कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के 27 मई तक केरल पहुंचने की उम्मीद है, जो कि 1 जून की अपनी सामान्य शुरुआत की तारीख से पांच दिन पूर्व का वक्त है.
गौरतलब है कि दिल्ली में रविवार को कुछ इलाकों में तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. जबकि गुरुग्राम में 48 डिग्री टंप्रेचर दर्ज किया गया था. राजस्थान के चुरु जैसे कई इलाके भी बेहद भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं.
नई दिल्ली : आंध्र प्रदेश में 'असानी' तूफान को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है. इस बीच, प्रदेश के काकीनाडा जिले के कुछ हिस्सों में बुधवार सुबह से ही बारिश हो रही है. IMD के अनुसार, अगले कुछ घंटों के लिए चक्रवात के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आंध्र प्रदेश तट के करीब बंगाल की खाड़ी में पश्चिम-मध्य तक पहुंचने की संभावना है. बताते चलें कि मंगलवार को ही ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने कहा था कि चक्रवात असानी के बुधवार सुबह आंध्र तट पर काकीनाडा पहुंचने का अनुमान है.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
काकीनाडा के थिम्मापुरम पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक राम कृष्ण ने बताया कि समुद्र तट के साथ लगता रोड काफी क्षतिग्रस्त हुआ है. हम 2 चेक पोस्ट लगाकर ट्रैफ़िक को इस तरफ जाने से रोक रहे हैं. हम पूरे अलर्ट पर हैं. माइक से भी लोगों को अनुरोध किया है कि बाहर न निकलें.
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में आंध्र प्रदेश,पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है. मौसम विभाग ने 10 से 11 मई के दौरान पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में और 10 से 12 मई को बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में मछली पकड़ने पर पूरी तरीके से रोक लगा दी है. साथ ही समुद्र से मछुआरों को तट पर लौटने की सलाह दी है.
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मंगलवार को बेहद तीव्र चक्रवात ‘असानी' से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया, जो आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों से दूर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बढ़ रहा है, जहां नागरिकों की सहायता के लिए बचाव दल तैनात किए गए हैं. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने आंध्र प्रदेश में नौ टीमें तैनात की हैं, जबकि सात और टीमों को तैयार रहने को कहा गया है. वहीं, ओडिशा में एक टीम को तैनात किया गया है और 17 टीमों को तैयार रहने को कहा गया है.
पश्चिम बंगाल में 12 टीमों को तैनात किया गया है और पांच टीमों को तैयार रखा गया है, जबकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी मदद के लिए तैयार बैठी हैं. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “केंद्रीय गृह सचिव ने बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘असानी' के मद्देनजर आज आंध्र प्रदेश और ओडिशा में केंद्रीय मंत्रालयों, एजेंसियों व प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की.”
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि चक्रवात के 11 मई की दोपहर तक काकीनाड़-विशाखापत्तनम तटों के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके बाद यह काकीनाड़ और विशाखापत्तनम (कृष्णा, पूर्व एवं पश्चिम गोदावरी और विशाखापत्तनम जिले) के बीच आंध्र तट की तरफ आगे बढ़ सकता है.
आईएमडी के मुताबिक, चक्रवात के कारण आंध्र के तटीय इलाकों में 75-85 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 95 किलोमीटर प्रति घंटे, जबकि ओडिशा के तटों पर 45-55 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है.
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव ने केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने तथा किसी भी तरह की मदद के लिए आंध्र प्रदेश व ओडिशा के प्रशासन के संपर्क में रहने का निर्देश दिया है.
आईएमडी चक्रवात पर करीबी नजर रख रहा है और अब तक 20 राष्ट्रीय बुलेटिन जारी कर चुका है. वह स्थानीय प्रशासन को लगातार चक्रवात की स्थिति के बारे में सूचित कर रहा है और लोगों की जान बचाने के उपाय सुझा रहा है.
मौसम विभाग कार्यालय ने कहा कि पश्चिम-मध्य और उससे सटी दक्षिण बंगाल की खाड़ी में समुद्र में बेहद तीव्र हलचल बने रहने के आसार हैं. विभाग के अनुसार, चक्रवात के कारण कोलकाता, हावड़ा, पूर्व मेदिनीपुर, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना और नादिया जिलों सहित पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से में सोमवार से बृहस्पतिवार के बीच भारी बारिश होने का अनुमान है.
ओडिशा के खुर्दा, गंजाम और पुरी में मंगलवार को सुबह भी बारिश हुई थी. विशेष राहत आयुक्त पी. के. जेना ने बताया कि स्थानीय अधिकारियों को आगाह कर दिया गया है कि भारी बारिश और उसके कारण जल-जमाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है तथा चार तटीय जिलों के 15 ब्लॉक से लोगों को निकालने के लिए भी कहा गया है.
नई दिल्ली : मंगलवार को चक्रवात 'असानी' के उत्तर आंध्र-ओडिशा तटों से पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में पहुंचने पर उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने और ओडिशा तट से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने की संभावना है. उक्त बात की जानकारी मौसम विभाग ने दी है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 9 मई को बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों में, 9 और 10 को पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में और 10 मई से 12 मई तक बंगाल की उत्तर पश्चिमी खाड़ी में न जाएं.
मौसम विभाग ने असानी की गति और तीव्रता के अपने पूर्वानुमान में कहा कि चक्रवाती तूफान के बुधवार को भयानक चक्रवाती तूफान में बदलने और बृहस्पतिवार तक गहरे दबाव में बदलने की संभावना है. आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि चक्रवात पूर्वी तट के समानांतर चलेगा और मंगलवार शाम से बारिश होने का कारण बनेगा.
अगले 5 दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत में गरज के साथ हल्की या मध्यम वर्षा की संभावना है. 10 और 12 मई के दौरान अरुणाचल प्रदेश और 09-12 मई के दौरान असम-मेघालय और मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है. वहीं 08वीं-12वीं के दौरान राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में हीट वेव की स्थिति होने की बहुत संभावना है.
आईएमडी ने मौसम को लेकर अपने पूर्वानुमान में उत्तर मध्य महाराष्ट्र 09 मई को बारिश की संभावना जताई है. वहीं पश्चिम मध्य प्रदेश में 9 से 12 मई और दक्षिण हरियाणा, दिल्ली और दक्षिण पंजाब में 10 से 12 मई को गरज के साथ बारिश के आसार हैं.
10 तारीख की शाम से तटीय ओडिशा और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है. 11 मई को तटीय ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है.
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में आया तूफान रविवार को तीव्र होकर चक्रवात में बदल गया, जिसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक है तथा इसके और तेज होने की आशंका है. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. हालांकि, चक्रवात के तटीय क्षेत्र से टकराए बिना अगले हफ्ते तक कमजोर पड़ने की संभावना है. मौसम कार्यालय ने कहा कि चक्रवात के प्रभाव से उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर मंगलवार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की आशंका है. मौसम कार्यालय के मुताबिक, चक्रवाती तूफान का नाम ‘असानी' रखा गया है, जो ‘क्रोध' के लिए इस्तेमाल सिंहली भाषा का शब्द है. यह तूफान अंडमान द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर से 380 किलोमीटर पश्चिम में बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में केंद्रित है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार सुबह 8.30 बजे जारी बुलेटिन में कहा, ‘‘अगले 24 घंटों के दौरान तूफान के उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ने और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गंभीर चक्रवाती तूफान में परिवर्तित होकर और तेज होने की आशंका है.''
आईएमडी द्वारा चक्रवात के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के 10 मई की शाम तक उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ने और उत्तरी आंध्र प्रदेश व ओडिशा के तटों से बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य एवं उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र तक पहुंचने के आसार हैं. इसके बाद, इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व की तरफ मुड़ने और ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है.
आईएमडी के मुताबिक, चक्रवात के सोमवार को बंगाल की खाड़ी में 60 समुद्री मील (111 किलोमीटर प्रति घंटा) की गति से आगे बढ़ने की उम्मीद है. उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने के साथ भीषण चक्रवाती तूफान के मंगलवार से धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है.
आईएमडी ने कहा कि ओडिशा के तटीय जिलों और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता सहित राज्य के दक्षिणी हिस्से में मंगलवार से हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है. मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 10 मई से अगली सूचना तक समुद्र में और पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा के तटों पर नहीं जाएं.
मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा तट के पास समुद्र की स्थिति नौ मई को खराब और 10 मई को अत्यधिक खराब हो जाएगी. समुद्र में हवा की गति 10 मई को बढ़कर 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है.