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छत्तीसगढ़ में 97%, दिल्ली व उसके पास के सात राज्यों में 100% बारिश की उम्मीद...
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::fulltext::छत्तीसगढ़ में आज बारिश के आसार, इस साल सामान्य रहेगा मानसून; दक्षिण व उत्तर-पूर्व में कम बारिश का अनुमान.
नई दिल्ली/छत्तीसगढ़.इस साल देशभर में जमकर बारिश होने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 97% बारिश होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बुधवार को जारी दूसरे और आखिरी पूर्वानुमान में बारिश की संभावना और बढ़ा दी है। यह अनुमान भी जताया है कि राजस्थान, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के इलाकों में सौ फीसदी तक बारिश होगी। वहीं दक्षिण भारत और उत्तर-पूर्व में बारिश सामान्य से कम रह सकती है। यह लगातार तीसरा साल है जब मानसून सामान्य रहेगा। मौसम विभाग ने बुधवार को बताया कि इस साल लॉन्ग पीरियड एवरेज (एलपीए) की 97% बारिश की उम्मीद है।
इस साल बारिश औसत के 93% से 101% तक होने की संभावना
- इससे पहले 16 अप्रैल को जारी पहले पूर्वानुमान में भी एलपीए की 97% बारिश की बात कही थी। हालांकि, इसमें घटबढ़ की संभावना 5% से घटाकर 4% कर दी गई है।
- यानी इस साल बारिश औसत के 93% से 101% तक हो सकती है। वर्ष 1951 से 2000 के बीच मानसून के चार महीनों (जून से सितंबर) में देश में एलपीए 89 सेंटीमीटर है। इस औसत के 96% से 104% तक बारिश होने पर मानसून सामान्य कहा जाता है।
उत्तर-पश्चिमी भारत में एलपीए की 100 फीसदी बारिश का अनुमान
- क्षेत्र के अनुसार मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी भारत में एलपीए की 100% बारिश का अनुमान जताया है। इस क्षेत्र में राजस्थान, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली आते हैं।
- मध्य भारत में एलपीए की 99%, दक्षिण में 95% और उत्तर-पूर्व भारत में एलपीए की 93% बारिश का अनुमान है। यह आंकड़ा 8% कम या ज्यादा रह सकता है।
जुलाई में सबसे ज्यादा, अगस्त में कम होगी बारिश
- जुलाई के दौरान देशभर में एलपीए की 101%, जबकि अगस्त के दौरान 94% बारिश होने का अनुमान है। यह नौ फीसदी कम या ज्यादा रह सकती है।
मानसून कर्नाटक-तमिलनाडु की ओर बढ़ा
- दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 दिन पहले केरल पहुंचा। यह लगभग पूरे केरल को कवर चुका है। मानसून अब कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों और तमिलनाडु की ओर बढ़ रहा है। 48 घंटे के दौरान इसके उत्तर-पूर्वी राज्यों की तरफ बढ़ने की स्थितियां भी बन रही हैं। 6 जून तक गोवा और महाराष्ट्र में बारिश शुरू होने की संभावना है।
हालात बने पर नहीं चली लू, लेकिन बारिश पर इसका असर नहीं
- पारा 45 डिग्री के पार होता तब चलती लू लेकिन अब तक 44 डिग्री भी नहीं हुआ, प्री-मानसून बौछारें एक-दो दिन में
रायपुर.इस सीजन में भीषण गर्मी का महीना यानी मई खत्म होने में अब सिर्फ एक दिन बाकी है, और इस साल अब तक राजधानी समेत प्रदेश के मैदानी इलाकों में कहीं भी लू नहीं चली है।
रायपुर और बिलासपुर समेत मैदानी शहरों में मई के अंतिम पखवाड़े में तापमान 45 डिग्री से अधिक हो जाता है और चार-पांच दिन लू चलती है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। रायपुर में पारा 44 डिग्री तक भी नहीं पहुंचा है और बिलासपुर में यह 45 डिग्री के आसपास ही है। हालांकि मौसम विज्ञानियों का दावा है कि लू भले ही नहीं चली हो, लेकिन बारिश पर इसका कोई असर नहीं होगा। बस्तर में 8 जून और रायपुर में 10-12 जून के बीच मानसून सक्रिय होने के आसार बन गए हैं।
जून के पहले हफ्ते से बारिश के आसार
- मानसून पूर्व की बौछारें जून के पहले हफ्ते में ही पड़ने के आसार हैं। 1 जून से राजधानी समेत प्रदेश में दोपहर का तापमान थोड़ा-थोड़ा कम होने लगता है। इसलिए जून में लू की संभावना नहीं है।
- राजधानी में पिछले पिछले दो दिनों से तापमान 44 डिग्री के आसपास है। लेकिन यह सामान्य से केवल एक डिग्री ज्यादा है, जबकि सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा होने के बाद ही मौसम विभाग लू की घोषणा करता है।
- अब इसकी संभावना भी नहीं के बराबर है। लेकिन लू का नहीं चलना प्रदेश में बारिश को प्रभावित नहीं करेगा। वरिष्ठ कृषि मौसम विज्ञानी डॉ. एएसआरएएस शास्त्री के अनुसार मानसून ग्लोबल सिस्टम है, इसलिए छत्तीसगढ़ में लू नहीं चलने का इस पर कोई असर नहीं होने वाला है।
आज शाम बौछारें संभव
- मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान से तेलंगाना तक मध्यप्रदेश व पूर्वी विदर्भ होते हुए एक द्रोणिका बनी है। इसके असर से राजधानी समेत प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
- गुरुवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री के आसपास रह सकता है। बादल छा सकते हैं।
भीषण गर्मी से मिली राहत
- गर्मी के इस सीजन में राजधानी समेत प्रदेश के मैदानी इलाकों में बिलासपुर को छोड़कर कहीं भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री से ऊपर नहीं गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कहीं लू की स्थिति नहीं बनी।
- डॉ. शास्त्री के अनुसार तापमान 44 डिग्री रहा। गर्मी की तपिश भी ज्यादा थी लेकिन लू नहीं चली इसलिए भीषण गर्मी से राहत ही रही। बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक गर्म हवा चलती रही।
तीखी धूप के कारण लोग परेशान रहे, लेकिन उतने नहीं जितने 45 डिग्री या अधिक में परेशान होते हैं।
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