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मास्को: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस को बड़ा झटका लगा है. दरासल, ब्लैक सी में विस्फोट में रूसी मिसाइल क्रूजर तबाह हो गया है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार देर रात बताया कि रूस के निर्देशित मिसाइल क्रूजर मोस्कवा यूक्रेन में सैन्य अभियान के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद काला सागर में डूब गया है, इसके बाद मिसाइल क्रूजर 'Moskva' के क्रू मेंबर्स को वहां से सुरक्षित निकाला गया.रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस विस्फोट में मिसाइल क्रूजर को भी काफी नुकसान पहुंचा है.
इससे पहले यूक्रेन के कई सरकारी अधिकारियों ने दावा कि ओडेसा के तट या उसके पास दफन एंटी-शिप निर्देशित मिसाइलों ने मोस्कवा पर दो बार हमला किया.इस दावे के बाद रूसी मंत्रालय ने विस्फोट होने की पुष्टि की.
मंत्रालय ने पहले कहा था कि आग पर काबू पा लिया गया है और जहाज बचा रह सकता है. उसने कहा था कि वह आग लगने के कारणों की जांच करेगी. मंत्रालय ने यह भी कहा था कि चालक दल के सैकड़ों सदस्यों को काला सागर में अन्य जहाजों में ले जाया गया था.
नई दिल्ली : संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी आबू धाबी में एक प्रमुख तेल भंडारण फेसिलिटी के पास संदिग्ध ड्रोन हमले में एक पेट्रोल टैंक को उड़ा दिया गया, घटना में दो भारतीयों सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि छह अन्य घायल हो गए. स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी.न्यूज एजेंसी WAM के अनुसार, 'विस्फोट के कारण दो भारतीय नागरिकों और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई है जबकि छह अन्य को हल्की से मध्यम चोटें आई हैं.
रिपोर्टों के अनुसार, यमन के ईरान से संबंधित Houthi movement ने कहा है कि उसकी ओर से यूएई में इस हमले को अंजाम दिया गया.ट्विटर पर कुछ लोगों ने फोटो पोस्ट किए हैं जिन्हें विस्फोट स्थल का बताया जा रहा है, इसमें आसमान में काले धुंए के बड़े गुबार को उठता हुआ देखा जा सकता है.
इससे पहले स्थानीय मीडिया ने जानकारी दी थी कि अबू धाबी की नेशनल ऑयल कंपनी के डिपो के नजदीक तीन फ्यूल टैंकों में विस्फोट हुआ है लेकिन इसका कारण तुरंत पता नहीं सका है. Houthi सैन्य प्रवक्ता ने बाद में ब्रॉडकास्टर Almasirah को बताया था कि वे जल्द ही यूएई के क्षेत्र में अपने मिलिट्री ऑपरेशन का विवरण जारी करेंगे. अबू धाबी की यह घटना Houthi की ओर से एक यूएई शिप को seize किए जाने के कुछ ही दिनों बाद हुई है. संयुक्त राष्ट्र ने इस 'जब्ती' की निंदा करते हुए शिप और इसके क्रू को जल्द रिहा करने की मांग की है.
यांगून, म्यांमार: म्यांमार जुंता कोर्ट ने सोमवार को आंग सान सू की को अवैध रूप से ‘वॉकी-टॉकी' आयात करने, रखने और कोरोना वायरस संबंधी पाबंदियों का उल्लंघन करने के आरोपों में दोषी ठहराते हुए उन्हें चार साल जेल की सजा सुनाई है. उन्हें पिछले महीने भी दो अन्य मामलों में अदालत ने दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में देश की सैन्य सरकार के प्रमुख ने आधा कर दिया था. नोबेल पुरस्कार विजेता सू की 1 फरवरी से हिरासत में हैं. उस समय उनकी सरकार को सुबह-सुबह तख्तापलट करने के लिए मजबूर किया गया था, जिससे म्यांमार के लोकतंत्र के साथ अल्पकालिक प्रयोग समाप्त हो गया.
एक स्थानीय निगरानी समूह के अनुसार, जनरल के सत्ता हथियाने से व्यापक असंतोष पैदा हो गया, जिसे सुरक्षा बलों ने सामूहिक हिरासत और खूनी कार्रवाई के साथ दबाने की कोशिश की, जिसमें 1,400 से अधिक नागरिक मारे गए.
मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने एएफपी को बताया कि 76 वर्षीय सू की को वॉकी-टॉकी के अवैध रूप से आयात करने और उसे अपने पास रखने, व कोरोनावायरस नियमों को तोड़ने से संबंधित दो आरोपों का दोषी पाया गया था.
वॉकी-टॉकी आरोप तब लगा जब सैनिकों ने तख्तापलट के दिन उनके घर पर छापा मारा और उन्हें कथित तौर पर प्रतिबंधित उपकरण मिले.
गौरतलब है कि नवंबर में उन पर और म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिंट सहित 15 अन्य अधिकारियों पर 2020 के चुनावों के दौरान कथित चुनावी धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया गया था. सू ची पर किए गए करीब एक दर्जन मामलों में यह भी शामिल हैं.
नई दिल्ली: पाकिस्तान के रावलपिंडी के मर्री शहर (Murree) से दिल दहलाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. भारी बर्फ़बारी की वजह से 22 सैलानी यहां जिंदा दफन हो गए. ऐसी भारी बर्फ़बारी हुई कि कारें बर्फ़ में दब गईं और आगे बढ़ नहीं सकीं. जल्द राहत बचाव न पहुंचने के कारण कारों के अंदर लोग ठंड और घुटन के कारण मर गए. इस घटना के कई ऐसे दर्दनाक वीडियो सामने आए हैं जो यहां शेयर नहीं किए जा सकते. मर्री ( #Murree) में कारों के ऊपर ऐसी मोटी बर्फ़ जमी थी और क़रीब 1000 गाड़ियां रास्ते में फंसी रहीं. गाड़ियां घंटों बर्फ़ में दबी रहीं और लोग अंदर बंद रहे. गाड़ी में बैठे बैठे लोग वहीं जम गए. इनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. हालांकि करीब 1100 लोगों को बचाया गया है.
सड़क पर तमाम कारें कई फुट बर्फ में दबी हुई हैं. भारी बर्फबारी के बीच कई पेड़ भी इन कारों के ऊपर आ गिरे, जिससे उनका आगे बढ़ना मुश्किल हो गया. ऐसे में लोगों का जिंदा बचना मुश्किल था. हालांकि सैकड़ों लोग खुशकिस्मत रहे, जो समय रहते इन कारों के अंदर से बाहर निकल पाए और उन्हें समय रहते राहत एजेंसियों की ओर से मदद मिल पाई.
हालांकि मर्री के पूरे रास्ते में सैकड़ों कारों और अन्य वाहनों का लंबा काफिला अभी भी देखा जा सकता है. कई फुट बर्फ के बीच लोग पैदल ही सुरक्षित स्थानों की ओर जाते देखे गए. कई कारें तो पूरी तरह बर्फबारी में गायब ही नजर आईं.पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद ने कहा, देश में पहली बार इतनी बड़ी तादाद में हजारों सैलानी मर्री शहर की ओर गए. लेकिन इतनी बड़ी आपदा का किसी को कोई इल्म नहीं था. इस कारण मर्री की तरफ जाने वाली ट्रैफिक बंद करनी पड़ी. इसमें करीब एक हजार गाड़ियां फंसी हुई हैं, जिनसे लोगों को निकालने का काम जारी है.
सिर्फ रसद और कंबल ले जाने वाली और आपात राहत कार्य में लगी गाड़ियों को ही मर्री की तरफ जाने की इजाजत है. पाकिस्तानी फौज के करीब 5 हजार जवानों को भी लगाया गया है. रास्ते अगले 24 घंटे तक बंद हैं. पैदल जाने वाले लोगों के लिए मनाही की गई है. इस्लामाबाद पुलिस और राहत एवं बचाव कार्य एजेंसियां पर्यटकों को बचाने में जुटी हुई हैं.
पाकिस्तान सरकार ने मर्री हिल स्टेशन पर इस घटना को आपदा घोषित किया है. माना जा रहा है कि हजारों कारें कई किलोमीटर लंबे रास्ते में फंसी हुई हैं. कारों से सैलानियों को निकालकर सरकारी गेस्ट हाउस, होटलों और अन्य सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है. उन्हें खाने-पीने का सामान, दवाएं, कंबल और अन्य जरूरी इमदाद मुहैया कराई गई हैं. खबरों के मुताबिक, 1122 लोगों को अब तक बचाया गया है, जिनमें से 22 की मौत हो गई है. मरने वालों में दस बच्चे शामिल हैं.