पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईएस) के पांच ऐसे पायलट कार्यरत थे, जिनकी शैक्षिक योग्यता मैट्रिक भी नहीं थी.....
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शिकागो। अमेरिका के मध्य भाग से सर्दियों में आने वाले एक शक्तिशाली तूफान के गुजरने से बृहस्पतिवार को देशभर में सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं और हजारों उड़ानों में देरी हुई जिससे क्रिसमस की छुट्टियां मना रहे यात्री परेशान हुए। उड़ानों की निगरानी रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के अनुसार, 6500 से अधिक उड़ानों में देरी हुई और करीब 800 उड़ानें रद्द कर दी गईं। देश के उत्तरी और मध्य मैदानी भागों में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण भी सड़क मार्ग से यात्रा करना खतरनाक हो गया।
कुछ इलाकों में शुक्रवार को तूफान के कमजोर पड़ने से पहले एक फुट से अधिक की बर्फ देखी गई। अधिकारियों ने नेब्रास्का के कुछ हिस्सों में दृश्यता बेहद कम होने की जानकारी दी है और एक अंतरराज्यीय सड़क को बंद कर दिया है। नॉर्थ डकोटा ने राज्य के पूर्वी हिस्से की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। मौसम ऐसे समय में खराब हुआ है जब कई अमेरिकी नागरिक क्रिसमस की छुट्टियों के लिए यात्रा कर रहे हैं। एक स्थान पर फंसे यात्री डेनिस नाइट ने कहा, हमारी क्रिसमस की छुट्टियां बर्बाद हो गईं।
काबुल। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक सरकारी इमारत में एक आत्मघाती हमलावर और असॉल्ट राइफलों तथा विस्फोटकों से लैस बंदूकधारियों के हमले में 29 लोग मारे गए और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। आठ घंटे तक चली मुठभेड़ तीन बंदूकधारियों के मारे जाने के बाद खत्म हुई।
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने बताया कि पुलिस इमारत की तलाश कर रही है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। दानिश ने बताया हमला तब शुरू हुआ जब एक आत्मघाती हमलावर ने बहुमंजिला इमारत के सामने विस्फोटकों से लदी अपनी कार को धमाका कर उड़ा दिया।
इसके कुछ मिनट बाद तीन बंदूकधारी इमारत में घुस गए और लोगों को मारना शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारी छिपकर जान बचाने में कामयाब रहे। पुलिस ने तुरंत ही करीब 357 लोगों को वहां से निकाल लिया था। चश्मदीदों ने कम से कम पांच विस्फोट सुनने की बात कही है। हमले में एक अधिकारी की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हुए हैं।
किसी भी आतंकी संगठन ने अब तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। तालिबान और इस्लामिक स्टेट से जुड़े आतंकवादी अक्सर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
कारिटा। इंडोनेशिया के सुनामी प्रभावित इलाकों में सख्त जरूरत वाली मदद मंगलवार को पहुंच तो गई लेकिन मानवीय सहायता दे रहे कर्मियों ने कहा है कि राहत शिविरों में लगातार बढ़ रही लोगों की संख्या के चलते स्वच्छ पानी एवं दवाएं बहुत तेजी से खत्म हो रही हैं। शनिवार को ज्वालामुखी फटने से आई सुनामी में मरने वालों की संख्या 400 के करीब पहुंचने और जमींदोज हुए मकानों से विस्थापित हुए लोगों की संख्या हजारों में पहुंचने के साथ ही जनस्वास्थ्य पर संकट की आशंका बढ़ती जा रही है।
एनजीओ अक्सी केपट टंग्गप के लिए काम कर रहे चिकित्सक रिजाल अलीमिन ने कहा कि बुखार, सिरदर्द से अनेक बच्चे पीड़ित हैं और उनके पास पीने का पर्याप्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे पास निर्धारित से कम दवाएं हैं। शरणार्थियों के लिए यहां स्वस्थ माहौल नहीं है। पर्याप्त स्वच्छ पानी नहीं है। उन्हें भोजन चाहिए और लोगों को फर्श पर सोना पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि फिलहाल शांत हुईं लहरें प्रभावित क्षेत्रों को फिर से नुकसान पहुंचा सकती हैं। पांच हजार से ज्यादा शरणार्थियों में से अनेक लोग दूसरी आपदा की आशंका से घर लौटने को लेकर भयभीत हैं।