सरकार ने लोगों से कहा है कि वे 100 रुपए से ज्यादा के यानी 200, 500 और 2,000 रुपए के नोटों को न रखें। इन्हें अमान्य करार दिया जा चुका है....
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दिल्ली. पाकिस्तान में भी भारतीय भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या जैसा एक मामला सामने आया है। यहां की निजी एयरलाइन कंपनी शाहीन एयर इंटरनेशनल के मालिक पर आरोप है कि वह करोड़ों का घोटाला करके देश से फरार हो गया है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शाहीन एयर इंटरनेशनल के चेयरमैन काशिफ महमूद सहबई और सीईओ एहसान खालिद सहबई का नाम देश छोड़कर बाहर न जा सकने वाली सूची ‘एक्जिट कंट्रोल लिस्ट’ में भी था। लेकिन पाकिस्तान में भ्रष्टाचार की बानगी ऐसी है कि इस लिस्ट में नाम होने के बावजूद दोनों देश छोड़कर भागने में कामयाब हो गए हैं। उन पर एयर लाइन ऑपरेशन का भी 136 लाख रुपये (भारतीय मुद्रा में) बकाया है।
सइबई बंधुओं के देश से भागने की आशंका नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) को पहले से ही थी यही कारण था कि उसने पाकिस्तानी गृह मंत्रालय को भी इससे अवगत करा दिया था। साई की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ाने अक्तूबर महीने से रद्द थीं। वहीं कंपनी के लगभग 3000 कर्मचारियों को बीते कई महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा था जिसकी वजह से कर्मचारी वेतन की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों ने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि साई के घोटाले की जानकारी हमने सितंबर माह में ही गृहमंत्रालय को सौंप दी थी। साथ ही उन अधिकारियों को भी सूचना दी थी कि इन दोनों के नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट में डाले जाएं क्योंकि ये दोनों देश से कभी भी भाग सकते हैं लेकिन हमारे अनुरोध को सुना नहीं गया और साई के दोनों मालिक देश छोड़कर भागने में कामयाब हो गए हैं। बता दें कि साई के अधिकारियों पर 1.36 बिलियन का बकाया है।
अधिकारी ने बताया कि बकाया कि वसूली को लेकर हमलोगों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, उस दौरान साई के मालिक देश में ही थे। अधिकारी ने बताया कि अगर सरकार ने तत्काल संज्ञान लिया होता तो अथॉरिटी उनसे उगाही कर पाती लेकिन इस मामले में न तो मंत्रालय ने और न ही जांच एजेंसी ने ही इस बात पर ध्यान दिया। अधिकारी ने बताया कि हमने फेडरल इनवेस्टीगेशन एजेंसी को भी एयरलाइन के घोटाले की जानकारी दी थी।
::/fulltext::नई दिल्ली: पाकिस्तान के लोगों को जल्द ही 'पाप कर' भी चुकाना होगा. यानी अब उन्हें सिगरेट और शर्बत पीने पर 'Sin Tax' देना पड़ेगा. यह जानकारी पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री अमीर महमूद कियानी ने दी. उनका कहना है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (Tehreek-i-Insaf) सरकार देश के सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) के पांच पतिशत वाला स्वास्थ्य बजट बनाना चाहती है और इस काम के लिए उसे आमदनी बढ़ानी होगी.
इसके लिए सरकार कई तरह के उपाय अमल में ला रही है. इनमें से एक तरीका यह है कि तंबाकू उत्पादों और मीठे पेयों पर एक पाप कर (Sin Tax) लगा दिया जाये और इससे जो आमदनी होगी उसे स्वास्थ्य बजट में शामिल कर दिया जाए.
क्या होता है सिन टैक्स (Sin Tax)?
सिन टैक्स यानी पाप कर शराब, सिगरेट, पोर्नोग्राफी और जुओं पर लगने वाला डाइरेक्ट टैक्स है. जो इन चीज़ों को बनाने या फिर होलसेलर पर लगाया जाता है. इस टैक्स से आने वाली रकम को सामाजिक और आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने में लगाया जाता है. अमेरिका में भी सिन टैक्स की रकम को इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाया जाता है. वहीं, स्वीडन में इस कर से आने वाली राशि को जुए की लत से परेशान लोगों की मदद में लगाया जाता है.