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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं। एम्स का कहना है कि धीरे धीरे उनकी तबीयत ठीक हो रही है।अटल जी को मंगलवार के दिन यूरिन इंफेक्शन की शिकायत के बाद एम्स लाया गया था। इसके अलावा उन्हें किडनी संबंधी समस्या और लोअर रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट इंफेक्शन की शिकायत बताई जा रही है। हालांकि अटल बिहारी की हालत में पहले से कई ज्यादा सुधार आया है लेकिन उन्हें कुछ और दिन अस्पताल में रहना पड़ेगा। यूरिन इंफेक्शन फंक्शन या बैक्टीरिया के अलावा ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से भी मूत्राशय में बैक्टीरिया पनपने से होता है। यूटीआई का संक्रमण अपर यूरिनरी ट्रैक्ट और लोअर यूरेनरी ट्रैक्ट होता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यूरिनरी इंफेक्शन (मूत्राशय संक्रमण) सभी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। महिलाओं में यूआईटी की समस्या सबसे ज्यादा होती है। इसमें ब्लैडर में सूजन हो जाती है। भाशरीर की स्वच्छता पर ध्यान न देना, इम्यूनिटी कमजोर होना, मूत्र मार्ग में सर्जरी और पानी कम पीना ब्लैडर इंफेक्शन या एक्यूट यूटीआई के लिए जिम्मेदार कुछ प्रमुख कारक हैं। एक बार यूरिन इंफेक्शन होने के बाद शरीर में बैक्टीरिया प्रवेश करने के बाद इन जीवाणुओं की संख्या बढ़ने की वजह से भविष्य के लिए काफी घातक साबित हो सकते है। आइए जानते है कि यूरिन इंफेक्शन की वजह से क्या क्या समस्याएं हो सकती है।
इन्टर्स्टिशल सिस्टाइटिस सिंड्रोम
यह एक बेहद खतरनाक ब्लैडर सिंड्रोम है, जिसकी वजह से यूरीन भंडार, जिसे ब्लैडर कहा जाता है, में सूजन होने लगती है। इस दौरान बहुत ही ज्यादा यूरिन आता है। लेकिन यूरिन बहुत ही कम मात्रा में आता है।
ब्लैडर की मांसपेशियां हो सकती है कमजोर
यूरिन को बार-बार रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियां बहुत कमजोर भी हो जाती हैं। ऐसा होने पर यूरीन की क्षमता पर भी असर पड़ता है। यूरिन इंफेक्शन के दौरान ब्लैडर की मांसपेशियां बहुत ही कमजोर हो जाती है जिस वजह से आपको कितना ही तेज यूरिन क्यों नहीं आ रहा हो लेकिन आप इसे शरीर से बाहर निकाल नहीं पाते है।
यौन संबंध बनाने से भी
यौन सम्बन्ध के समय साफ सफाई का ध्यान नहीं रखना यूरिन इन्फेक्शन होने का एक बड़ा कारण है। यूरिन में इन्फेक्शन 16 से 35 वर्ष की महिलाओं को अधिक होता है।
गर्भावस्था में होती है ज्यादा समस्या
गर्भावस्था में प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन के बढ़ने के कारण मूत्राशय और मूत्र नली की संकुचन की क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से मूत्राशय के सही प्रकार से काम न कर पाने के कारण यूरिन इन्फेक्शन हो जाता है।
किडनी की समस्या
रक्त में मौजूद टॉक्सिन को फिल्टर ना कर पाने की वजह से किडनी में समस्याएं होने लगती है, जो आगे चलकर किडनी फेलियर तक पहुंच सकती है। यूरीन में किसी भी तरह का इंफेक्शन सीधे किडनी पर असर डालता है। किडनी फेल हो जाने की वजह से बॉडी में विषैले पदार्थ घुलने लगते हैं और वे यूरीन के साथ भी बाहर नहीं निकल पाते।
यूरिन इंफेक्शन के लक्षण
अगर लगातार आपका यूरिन का रंग गहरा हो रहा है तो इसका मतलब है कि आपका शरीर संक्रमण के घेरे में आ रहा है। यूरिन का रंग डार्क या खूनी होना। यूरिन से बहुत ज्यादा गंदी बदबू आना और इसे रोकना मुश्किल होना। पेट के निचले हिस्से में दर्द और प्राइवेट पार्ट में खुजली होना। यूरिन के दौरान जलन होना।
पुरुषों में यूरिन इंफेक्शन
पुरुषों में डायबिटीज या प्रोस्टेट के बढ़ने के कारण यूरिन में इन्फेक्शन हो सकता है।
इन बातों का ध्यान रखें
पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। इसके अलावा नारियल पानी या जूस आदि तरल पदार्थ पीएं। यूरिन को रोक कर न रखें। इससे संक्रमण का खतरा और भी बढ़ सकता है। प्राइवेट पार्ट की सफाई रखें। उसे सूखा रखें और टिशू का इस्तेमाल करें। मसालेदार चीजों का सेवन करने से बचें और कैफीन की अधिक मात्रा न लें। आधा गिलास चावल के पानी में चीनी मिलाकर पीने से यूरिन में होने वाली जलन से छुटकारा मिलता है। बादाम की 5 गिरी में 7 छोटी इलायची और मिसरी डालकर पीस लें। फिर इसे पानी में घोलकर पीएं। इससे दर्द और जलन कम होती है।