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नई दिल्ली: देश में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए पीएम मोदी ने गुरुवार को एक अहम बैठक बुलाई. इस बैठक में पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई बड़े अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं. पीएम मोदी ने ये बैठक बीते कुछ महीनों में देश के अलग-अलग राज्यों में ऑमिक्रॉन के नए सब वेरिएंट बीएफ.7 के मामले मिलने के बाद बुलाई है. बीते कुछ महीनों में भारत में ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट के चार मामले सामने आए हैं.
बैठक के बाद राज्यों को क्रिसमस और नए साल के जश्न के दौरान मास्क और सामाजिक दूरी पर जोर देने और भीड़ को रोकने की सलाह देते हुए एक नोट जारी किए जाने की संभावना है. चीन में बड़े पैमाने पर पाए जाने वाले ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट के चार मामले देश में भी मिले हैं.
सरकार ने पहले ही विदेश से आने वालों की रैंडम टेस्टिंग शुरू कर दी है. सूत्रों का कहना है कि अगले सात दिनों में क्वारंटीन और जांच के लिए बुनियादी ढांचे को फिर से शुरू किए जाने की संभावना है. जुलाई, सितंबर और नवंबर में BF.7 वेरिएंट के दो मामले गुजरात में और दो ओडिशा में दर्ज किए गए हैं.
कल स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा बुलाई गई बैठक के बाद केंद्र ने मास्क का उपयोग करने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार की सलाह दी, लेकिन अभी के लिए कोई प्रोटोकॉल नहीं है. सरकार का कहना है कि घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क लगाना चाहिए.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की औचक जांच आज से शुरू हो गई है. केंद्र ने राज्यों से जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने और सभी कोविड-पॉजिटिव मामलों के नमूने INSACOG की लैब में भेजने को कहा है, जो स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत एक फोरम है, जो विभिन्न कोविड स्ट्रेन का अध्ययन और निगरानी करता है.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "कोविड अभी खत्म नहीं हुआ है. मैंने सभी संबंधितों को सतर्क रहने और निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया है. हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं."
देश में 24 घंटे में 129 ताजा संक्रमण के मामले की सूचना मिली है और वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 3,408 है. वहीं एक मौत दर्ज की गई है. चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस और डेनमार्क जैसे यूरोपीय देशों में BF.7 मामलों पर अलर्ट को लेकर देश के साथ, विभिन्न राज्य अपने कोविड प्रोटोकॉल तैयार कर रहे हैं.
नई दिल्ली: संसद में आज भी जहां विपक्ष चीन के मुद्दे पर चर्चा को लेकर अड़ा रहा. वहीं सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से किनारा करती नजर आई, ऐसे में संसद में जमकर हंगामा हुआ.
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
संसद में आज चीन के मुद्दे पर चर्चा से इनकार के बाद विपक्ष ने वॉकआउट किया. वॉकआउट पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों से खासे नाराज नज़र आए.
BSP सांसद कुंवर दानिश अली ने 'पठान' फिल्म को लेकर मचे विवाद का मसला उठाया. उन्होंने कहा, 'हमारे देश की अभिनेत्री फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी का कर्टेन रेज कर रही है और लोग 'इस देश में रंग को भी धर्म के आधार पर बांट रहे हैं.
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तवांग में चीन सेना के साथ झड़प पर चर्चा की मांग की. जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ऐसा करके खरगे सदन की नहीं, अपनी गरिमा गिरा रहे हैं.
बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कुछ लोग और कार्यकर्ता समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने न्यायपालिका से ऐसा कोई आदेश नहीं देने का आग्रह किया जो देश के सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हो.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आज कश्मीरी पंडित कश्मीर छोड़ रहे हैं और आतंकी कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने के लिए उनके नामों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं. ऐसे में सदन में जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए.
विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों के दक्षिण भारतीय राज्यों के दौरे के दौरान शुक्रवार शाम को विशाखापत्तनम पहुंचे. राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री शनिवार को शहर में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. दो दिनों के दौरान प्रधानमंत्री चार दक्षिणी राज्यों का दौरा करेंगे.
पीएम शनिवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 10,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद पीएम तेलंगाना के रामागुंडम में 9,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं की सौगात देंगे, जहां अगले साल चुनाव होने वाले हैं.
पीएम मोदी चार राज्यों में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे और 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से छह महीने से भी कम समय से पहले और कई राज्यों में केंद्र द्वारा नियुक्त राज्यपालों और सत्तारूढ़ दलों के बीच चल रही लड़ाई के बीच पीएम मोदी का यह दौरा अहम माना जा रहा है.
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'अगले 2 दिनों में, मैं भारत के विकास पथ को मजबूत करने के मकसद से विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए दक्षिण में 4 राज्यों- कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के दौरे पर रहूंगा.'
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को बेंगलुरु के क्रांतिवीर संगोली रायण्णा (केएसआर) रेलवे स्टेशन से दक्षिण भारत की पहली 'वंदे भारत' एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन बेंगलुरु के रास्ते मैसूर और चेन्नई के बीच चलेगी. प्रधानमंत्री ने 'भारत गौरव काशी दर्शन' ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई, जो रेलवे की 'भारत गौरव' ट्रेन नीति के तहत कर्नाटक के मुजराई विभाग द्वारा चलाई जाएगी.
उन्होंने संत-कवि कनक दास की जयंती के मौके पर उनकी और रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 का उद्घाटन किया और एयरपोर्ट पर नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फुट की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया.
पीएम मोदी तमिलनाडु का दौरा भी करेंगे, इस विपक्ष शासित राज्य में भाजपा बार-बार प्रयास करने के बाद भी अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करवा पाई.
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पीएम मोदी और भाजपा के मुखर आलोचक रहे हैं. अगले आम चुनावों से पहले भाजपा के खिलाफ समान विचारधारा वाले दलों के महागठबंधन को एक साथ लाने की कोशिश में तेलंगाना के सीएम विपक्षी शासित राज्यों की यात्रा कर रहे हैं.
वहीं, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में राज्यपालों और राज्य सरकारों के बीच एक बड़ी लड़ाई चल रही है. तीन राज्यों के राज्यपालों पर राज्य सरकारों द्वारा "केंद्र की कठपुतली" की तरह काम करने का आरोप लगाया गया है, जिनका उनके साथ कई बार टकराव हुआ है.
अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पूर्ववर्ती डॉ मनमोहन सिंह पर सोमवार को तंज कसते हए कहा कि 2014 तक कांग्रेस नीत सरकार में जाने-माने अर्थशास्त्री के प्रधानमंत्री होने के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था सिर्फ एक पायदान बढ़कर 10वें स्थान पर पहुंची थी. अपने आप को विनम्र ‘चायवाला' बताते हुए मोदी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद आठ साल के शासन में देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है.
गुजरात के राजकोट में भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवारों के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने प्रदर्शन की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 10 साल के कार्यकाल से की. सिंह 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे.
राज्य की 182 में से 89 विधानसभा सीटों के लिए पहले चरण के तहत एक दिसंबर को मतदान होगा. पहले चरण के मतदान से पहले मोदी की यह आखिरी रैली थी. मोदी ने कहा, “2014 में मेरे प्रधानमंत्री का पद संभालने से पहले, कांग्रेस 10 वर्ष तक सत्ता में रही थी. 2004 में जब कांग्रेस पहली बार सत्ता में आई थी, तब एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री (मनमोहन सिंह) हमारे प्रधानमंत्री थे और भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में 11वें स्थान पर थी.”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को यहां स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के पूसा मेला ग्राउंड में दो दिवसीय “पीएम किसान सम्मान सम्मेलन 2022” का उद्घाटन किया और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के अंतर्गत 16 हजार करोड़ रुपये की 12वीं किस्त जारी की.
मोदी ने अपनी सरकार की आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर मई महीने में हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में किसान सम्मान निधि की 11वीं किस्त के रूप में 21,000 करोड़ रुपये जारी किए थे.
इस अवसर पर मोदी ने एग्री स्टार्टअप कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया. इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत 600 पीएम-किसान समृद्धि केंद्रों (पीएम-केएसके) का भी उद्घाटन किया और ‘भारत' यूरिया बैग ब्रांड नाम से किसानों के लिए ‘एक राष्ट्र-एक उर्वरक' नामक महत्वपूर्ण योजना भी लॉन्च की.
कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस आयोजन में एक करोड़ से अधिक किसान डिजिटल माध्यम से भाग ले रहे हैं.
ज्ञात हो कि देश में मझोले और छोटे किसानों की मदद के लिए शुरू की गई इस योजना को आठ साल हो चुके हैं और देश में करोड़ों किसान इसका लाभ प्राप्त कर चुके हैं। केंद्र सरकार ने 24 फरवरी 2019 को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी.
इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थी किसान परिवारों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ प्रदान किया जाता है. यह प्रत्येक चार माह में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में देय होता है। फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है.