कर्नाटक के कोडगू जिले में भी बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है......
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मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त में चार-पांच सिस्टम बनते हैं, अभी एक ही सिस्टम बना है
रायपुर। प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद अब कहीं जाकर बादलों की मेहरबानी हुई है, ये जमकर बरस रहे हैं। बीते 36 घंटे से लगातार समूचे प्रदेश में कहीं ज्यादा, कहीं कम बारिश हो रही है। पूर्वानुमान है कि आने वाले 24 घंटे में भी अच्छी बारिश होगी। इसके बाद मौसम खुलेगा, लेकिन 11-12 अगस्त तक एक और सिस्टम सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त में चार-पांच सिस्टम बनते हैं, अभी एक ही सिस्टम बना है इसलिए उम्मीद है कि अगस्त में औसत बारिश का आंकड़ा छू जाएगा।
मंगलवार दोपहर 2 बजे से मौसम अचानक बदला, बादल घिरे और बरसात शुरू हो गई। राजधानी रायपुर में मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात बारिश हुई, बुधवार की सुबह से रात तक रुक-रुककर अच्छी बारिश होती रही। मौसम वैज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम पूर्वी छत्तीसगढ़ से होता हुआ पश्चिम छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्यप्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। गुरुवार को रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में अच्छा बरसात होगी। बता दें कि सोमवार तक के आंकड़े के मुताबिक प्रदेश के बांध 30-40 फीसद ही भर पाएं हैं।अभी अगस्त के पूरे 22 दिन हैं, सभी सिस्टम प्रबल बनेंगे तो बांध भर जाएंगे और किसानों को भी राहत मिलेगी।
इन जिलों में जमकर बरसे बादल
धमतरी- 98.2, जांजगीर- 73.0, रायगढ़- 77.0, बस्तर 95.6, कोंडागांव- 155.5, दंतेवाड़ा 120, बीजापुर 108.0 (बारिश मिली मीटर में)
इन जिलों में सूखी जैसी स्थिति-
जिला- औसत से कितनी कम बारिश
बलरामपुर- 55
गरियाबंद- 24
कोंडागांव- 23
कोरबा- 23
कोरिया- 23
राजनांदगांव- 25
इन जिलों अधिक बारिश हो चुकी है- बेमेतरा, बीजापुर, सुकमा।
जलभराव की समस्या जस की तस- शहर में ड्रेनेज सिस्टम न होने की वजह से जलभराव की समस्या जस की तस है। शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अफसरों ने पूरी बरसात में कभी जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा तक नहीं किया। लोगों ने रातें जागकर काटीं, लेकिन इनकी समस्या जानने कोई नहीं आया। बूढ़ापारा, लोधीपारा, मेडिकल कॉम्प्लेक्स के सामने, मोतीबाग मुख्य मार्ग में दिनभर पानी भरा रहा। सवाल यह है कि आखिर ये स्मार्ट सिटी का कैसा विकास है?
पूर्वानुमान- उत्तर छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्र पर एक कम दाब का क्षेत्र बना है,जिसके संगत ऊपरी वायु का चक्रवाती घेरा 7.6 किमी तक फैला हुआ है। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश के साथ-साथ बौझारे पड़ सकती हैं।
::/fulltext::कोच्चि। केरल के मलाप्पुरम और इडुकी जिलों में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश के बाद वर्षाजन्य हादसों में 20 लोगों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हो गए। इन हादसों के बाद चार लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मलाप्पुरम जिले के निलांबुर में गुरुवार सुबह भूस्खलन की एक घटना में एक ही परिवार के पांच लोग जीवित दफन हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद इन सभी को मलबे से बाहर निकाला गया।



रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब व चक्रवाती घेरे की वजह से राजधानी समेत प्रदेशभर में बारिश हो रही है। रायपुर में मंगलवार की सुबह तक 20.2 मिली मीटर और देर शाम तक 2.9 मिली मीटर बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश में अगले चौबीस घंटे में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।
सुबह से शाम तक इतनी बारिश
प्रदेश के जगदलपुर में सुबह से लेकर शाम तक 30.9 मिली मीटर बारिश रिकार्ड हुई है। इसी तरह राजनांदगांव में 15.2, अंबिकापुर में 13.7, माना एयरपोर्ट में 44.4 मिली मीटर बारिश रिकार्ड हुई है। अभी भी प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी।
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