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ग्राम परतापुर में 10 बिस्तरों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झोपड़ी में संचालित हो रहा है।
जगदलपुर.डिमरापाल स्थित नए मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार का दिन महत्वपूर्ण रहा। यहां इलाज से पहले डाॅक्टरों ने पूजा पाठ की। इसमें खास बात यह रही कि इस पूरे आयोजन से नेताओं और दीगर अफसरों को दूर रखा गया। मेकॉज के डीन और कुछ डाॅक्टरों ने मिलकर मशीनों की पूजा की। इसके साथ ही ऐसा माना जा रहा है कि डिमरापाल स्थित नए मेकॉज परिसर का उदघाटन हो गया है।
इससे पहले ऐसा कहा जा रहा था कि विकास यात्रा में आ रहे सीएम रमन सिंह के हाथों इस हॉस्पिटल में पूजा-पाठ के बाद विधिवत शुरुआत होगी लेकिन अचानक ही शुक्रवार को डाॅक्टरों ने यहां मशीनें फिट करवाई और पूजा-पाठ का कार्यक्रम आयोजित कर दिया। आनन-फानन में पंडित को बुलाया गया और मशीनों की पूजा करवाई गई। खबर शहर तक आई और जब जिम्मेदारों से लोगों ने सवाल पूछने शुरू किए तो मेकॉज के डीन सहित अन्य लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि यह कोई उदघाटन नहीं हुआ है। बल्कि सिर्फ ऑपरेशन थियेटर की शुरुआत से पहले कुछ डाॅक्टरों ने पूजा पाठ की है।
विधायक बोले- कोई जानकारी नहीं है
इधर मेकॉज में ओटी के लिए पूजा-पाठ की कोई जानकारी स्थानीय विधायक संतोष बाफना को भी नहीं दी गई है। उनसे जब पूछा गया कि नए हास्पिटल की ओटी की शुरुआत के लिए पूजा पाठ की गई है और इसमें आपको आमंत्रित किया गया था क्या तो उन्होंने कहा कि नहीं इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं है।
सीधी बात : यूएस पैंकरा, मेडिकल कॉलेज के डीन
सवाल- मेडिकल कॉलेज का उदघाटन कर दिया क्या सर?
जवाब- किसने बोला कब हुआ ऐसा कुछ नहीं है, इसका उदघाटन तो सरकार करेगी, सीएम करेंगे।
सवाल- शुक्रवार को पूजा-पाठ की गई है पंडितजी आए थे।
जवाब-नहीं-नहीं उदघाटन नहीं ऑपरेशन थियेटर वालों ने पूजा-पाठ की है।
सवाल- अच्छा कॉलेज का उदघाटन नहीं हुआ है।
जवाब-हास्पिटल का उदघाटन तो मुख्यमंत्री करेंगे।
सवाल- तो हर डिपार्टमेंट का अलग-अलग उदघाटन करवाएंगे?
जवाब- नहीं यार ओटी बन गया है, इमरजेंसी केस आने से पहले पूजा पाठ करवा दिया उसने।
सवाल- किसने करवा दिया सर पूजा-पाठ?
जवाब-ओटी जिसका है ओटी का मालिक जो है उसने करवाया।
सवाल- ओटी का मालिक कौन है ,कौन डाॅक्टर साहब हैं?
जवाब- क्या मतलब...
सवाल- किस डाॅक्टर साहब ने करवाई है पूजा-पाठ?
जवाब-एनेस्थिसिया वाले करवाए हैं। उनका ओटी बन गया है तो अगरबत्ती लगा दी कौन सी बड़ी बात है।
विधायक के पास समय नहीं 10 माह से झोपड़ी में अस्पताल
ग्राम परतापुर में 10 बिस्तरों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झोपड़ी में संचालित हो रहा है। ऐसे में शासन ने मरीजों को होने वाली असुविधा को देखते 2008 में भवन बनाने स्वीकृति दी। नक्सली समस्या के चलते भवन 9 साल बाद 2017 में बनकर तैयार हुआ। भवन बने 10 माह गुजर जाने के बाद भी नये अस्पताल भवन का लोकार्पण नहीं हो पाया है। विभाग कह रहा विधायक ने जताई थी फीता काटने की इच्छा लेकिन समय नहीं दे पा रहे। ऐसे उस समय में देखने को मिल रहा है जब देश की राजधानी में लोगों की परेशानी देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नई दिल्ली में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन दो बार टलने पर गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि 31 मई तक प्रधानमंत्री उद्घाटन करें या न करें, 1 जून से हर हाल में एक्सप्रेस-वे को जनता के लिए खोल दिया जाए।
दिल्ली-एनसीआर पहले से ही ट्रैफिक का भारी दबाव झेल रहा है। लेकिन यहां पहले ही 9 साल में जाकर तैयार हुए भवन को शुरू करने के लिए 10 महीने से इंतजार किया जा रहा है क्योंकि हमारे विधायक के पास समय नहीं है। इन सबके बीच अस्पताल अब भी किराए की झोपड़ी में संचालित हो रही है। कोयलीबेड़ा ब्लाक पहले से ही स्वास्थ्य शिक्षा जैसे बुनियादी समस्याओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। इस समस्या के लिए केवल नक्सली ही नहीं क्षेत्र के अफसर तथा जनप्रतिनिधि भी उतने ही जिम्मेदार हैं। शासन ने परतापुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए वर्ष 2008 में भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की थी। निर्माण भी स्थानीय ठेकेदार ने शुरू किया गया लेकिन नक्सली समस्या और धमकी के चलते भवन निर्माण नहीं हो सका। परतापुर में नक्सल समस्या इतनी अधिक थी की ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया। उसने विभाग को काम नहीं कर पाने लिखित सूचना दी थी।
नक्सलियों के बहकावे में न आने के लिए जताया आदिवासी समाज का आभारहर वर्ग की चिंता करने वाले एकलौते सीएम हैं डा. रमन सिंह
रायपुर-दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह की सरकार ने पिछले 15 सालों में जितने विकास कार्य और जनकल्याण के कार्य किए हैं, वह काबिले तारीफ है। आज छग का पीडीएस सिस्टम न केवल देश में विख्यात है, बल्कि अब विदेश के लोग भी इस सिस्टम को समझने आ रहे हैं। यह न केवल छत्तीसगढ़ के लिए बल्कि देश के लिए भी गौरव की बात है। गांव, गरीब, किसान और समाज के रह वर्ग की चिंता करने वाले ऐसे सरकार की जितनी भी तारीफ की जाए, कम है।
उक्त बातें केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज दंतेवाड़ा में आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए कही। राज्य सरकार के विकास यात्रा को हरी झंडी दिखाने पहुंचे केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह और राज्य की भाजपा सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिस शालीनता से और गंभीरता से विकास कार्यों का बीड़ा उठाया और इसे लगातार पूरा करते आ रहे हंै, यह सच में प्रशंसा की बात है। उन्होंने कहा कि आज से राज्य सरकार का विकास यात्रा शुरू हो रहा है। इस यात्रा के माध्यम से राज्य सरकार जनता से प्रत्यक्ष मुलाकात करेगी। अब तक सरकार ने जनकल्याण के कितने काम पूरा किया और क्या करने वाले हैं, इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा यात्रा के माध्यम से वे जनसमस्याओं से भी अवगत होंगे और इसे दूर करने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों से डा. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में काम करते आ रहे हैं। वे स्वयं भी उत्तरप्रदेश के मुखिया के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के कई सीएम को देखा है, उनके काम करने के तरीकों से वाकिफ हैं, लेकिन जिस तरह से डा. रमन सिंह अपना काम बखूबी अंजाम देते हंैं, ऐसा मुख्यमंत्री उन्होंने आज तक नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री जो हर समय अपने प्रदेशवासियों की चिंता करता है, ऐसा सीएम जो बेटियों को पैदल स्कूल जाने नहीं देता, उनके लिए साइकिल मुहैया कराता है, देश में कोई नहीं है। श्री सिंह ने कहा कि गरीबों के लिए रोजगार, उपचार की व्यवस्था, किसानों के फसल खराब होने पर बीमा की योजना। गरीब, मेहनतकशों के लिए उनके रोजगार के लिए औजार उपलब्ध कराने वाला मुख्यमंत्री एकलौते डा. रमन सिंह है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों तक बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य पहुंचाने वाले और उनके हाथों में स्मार्ट फोन पहुंचाने वाले मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के काम करने का अंदाज सबसे अलग है।
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि जब वे छत्तीसगढ़ में प्रभारी थे, तब भी वे छत्तीसगढ़ को करीब से जानते थे। विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि तब के छत्तीसगढ़ और अब के छत्तीसगढ़ में कितना अंतर आ गया है, यह इस बात से पता चल जाता है कि तब बस्तर में कोई पीएम, सीएम नहीं आते थे।
जिन गांवों में बूंद-बूंद पानी के लिए लोग तरसते थे, आज वहां पेयजल संकट खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में अब तक डा. रमन सिंह ने कई ऐसे काम करके दिखाए हैं, जो देश-दुनिया के लिए प्रेरणा स्त्रोत बना है। उन्होंने कहा कि गरीबों का विकास किए बिना राज्य का विकास नहीं हो सकता। यह बात राज्य सरकार भलीभांति समझती है। आज तक किसी भी सरकार ने गरीबों की चिंतानहीं की, आदिवासियों की चिंता नहीं की, यह काम केवल डा. रमन सिंह की सरकार ने की। आदिवासियों का बैंक एकाउंट, बाहुल्य क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा की व्यवथा अब तक की सरकारों ने क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए गरीबों की तबियत खराब होने पर अब उन्हें एक साल में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। राज्य सरकार ने स्मार्ट कार्ड योजना शुरू की, जिसमें जनता को 50 हजार तक का मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। ऐसी राज्य सरकार को और ऐसे डा. रमन सिंह की सरकार फिर से बननी ही चाहिए।
केन्द्रीय गृृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आदिवासी समाज का आभार जताते हुए कहा कि नक्सली ही आदिवासियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। उन्होंने नक्सलियों के बहकावे में न आने के लिए आदिवासी समाज का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार ने हजारों करोड़ का विकास कार्य का लोकार्पण भी किया है। इसमें 18 करोड़ का बायपास रोड बनेगा जो कि कटे कल्याण से होते हुए गुजरेगा। किरंदुल में गौरवपथ का निर्माण, 13 करोड़ में आवासहीनों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत की गई है। इसके अलावा दंतेवाड़ा जिले में 26 हजार लोगों तक शुद्ध पेयजल की सुविधा शुरू की गई है। अब तक राज्य में सवा लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। अब लक्ष्य 7 लाख लोगों को आवास उपलब्ध कराने का है।
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जवाबी फायरिंग में पुलिस ने कमांडर स्तर के नक्सली को मार गिराया। पुलिस ने मौके से शव बरामद कर लिया है।
गरियाबंद. बिंद्रानवागढ़ क्षेत्र में दर्रीपारा थाने रावनडिंगी गांव के पास जंगल में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने पांच लाख के इनामी नक्सली को मार गिराया। घटना शुक्रवार शाम करीब 5 बजे की है। पुलिस के मुताबिक जिला पुलिस बल की टीम रावनडिंगी के जंगल में सर्चिंग पर गई थी। तभी घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी फायरिंग में पुलिस ने कमांडर स्तर के नक्सली को मार गिराया। पुलिस ने मौके से शव बरामद कर लिया है। गौरतलब है कि 2 मई को नक्सली हमले में पुलिस के दो जवान शहीद हुए थे। बताया जा रहा है कि तेंदूपत्ता सीजन होने के कारण क्षेत्र में नक्सली तादात बढ़ी है। पुलिस ने भी सर्चिंग तेज कर दी है।
::/fulltext::मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज सवेरे यहां अपने निवास में दिव्यांगजनों, वृद्धजनों, विधवा, परित्यक्ता और तृतीय लिंग वर्ग के लोगों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 104 पर समाज कल्याण विभाग की नई सेवा का शुभारम्भ किया। उन्होंने 104 नंबर पर फोन लगाकर कॉल सेंटर में उपस्थित कॉल अटेंडेंट से बात की और उन्हें इस नई सेवा के प्रारम्भ होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कॉल सेंटर में काम कर रहे लोगों से कहा कि वे सजगता और सक्रियता के साथ काम करें और यह प्रयास करें कि जरूरतमंद लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। उन्होंने कहा के इस नई सेवा के बेहतर क्रियान्वयन में उनका महत्वपूर्ण योगदान होगा। यह सेवा समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रारम्भ की गई है। इस टोल फ्री नंबर 104 पर स्वास्थ्य संबंधी सलाह पहले से ही दी जा रही है, आज समाज कल्याण विभाग की इस सेवा का इस टेलीफोन नंबर पर शुभारंभ किया गया। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री आर प्रसन्ना और संचालक श्री संजय अलंग भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
समाज कल्याण विभाग के विशेष सचिव श्री आर प्रसन्ना ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस नंबर पर वरिष्ठ नागरिक, विधवा, परित्यक्ता और तृतीय लिंग वर्ग के व्यक्ति भी सहायता के लिए फोन कर सकते हैं। इस फोन नंबर पर इन वर्गों के लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी और परामर्श भी दिया जाएगा। यह सेवा सभी दिन 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
इस नंबर पर दिव्यांगता के संबंध में, स्वास्थ्य सम्बंधित परामर्श, पुनर्वास सेवाओं एवं संसाधनों, छात्रवृति, शासकीय और निजी रोजगार के लिए सुविधा, पेंशन सहित उन्हें मिलने वाली अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है और शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है। यह टेलीफोन नंबर सहायता सह मार्गदर्शन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। वरिष्ठ नागरिक इस नंबर पर माता- पिता भरण पोषण अधिनियम के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएं, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, वृद्धाश्रम, दिवा देखभाल केंद्र, स्वास्थ्य उपचार एवं परामर्श के सम्बन्ध में जानकारी ले सकते है। इस टोल फ्री नम्बर पर समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में सुझाव भी दिए जा सकते हैं। इस नंबर पर उपलब्ध सभी सेवाएं निःशुल्क हैं।