Owner/Director : Anita Khare
Contact No. : 9009991052
Sampadak : Shashank Khare
Contact No. : 7987354738
Raipur C.G. 492007
City Office : In Front of Raj Talkies, Block B1, 2nd Floor, Bombey Market GE Road, Raipur C.G. 492001
न्यूयॉर्क: अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान सोमवार को शुरू हुआ. दवा कंपनी फाइजर और जर्मनी की उसकी सहायक कंपनी बायोएनटेक द्वारा विकसित कोविड-19 का टीका स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जाना आरंभ हो गया है. कोरोना वायरस से अमेरिका में अब तक तीन लाख लोगों की मौत हो चुकी है और सबसे ज्यादा संक्रमण के मामले आए हैं .
न्यूयॉर्क सिटी में एक नर्स को सोमवार सुबह फाइजर-बायोएनटेक की पहली खुराक दी गयी. न्यूयॉर्क के लॉन्ंग आइलैंड जेविश मेडिकल सेंटर में गहन चिकित्सा इकाई की नर्स सैंड्रा लिंडसे ने बताया, ‘‘आज मुझे उम्मीद नजर आ रही है.'' राज्य के गर्वनर एंड्रयू क्यूमो ने लाइवस्ट्रीम से टीकाकरण अभियान पर नजर बनाए रखी.
फाइजर के सीईओ अल्बर्ट बौरला ने कहा कि टीका लेने वाले पहले कुछ लोगों में वह भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा, ‘‘अगर टीका बनाने वाली कंपनी का सीईओ इसे लेगा तो लोगों का टीका में भरोसा बढ़ेगा.''
मिशिगन में फाइजर के निर्माण संयंत्र से रविवार को कोविड-19 टीके की पहली खेप लेकर एक ट्रक निकला था. अमेरिकी औषधि नियामक ने टीका इस्तेमाल के लिए शुक्रवार को मंजूरी दे दी थी. अगले सप्ताह तक कुल 636 अस्पतालों और क्लीनिकों में टीके की खुराक पहुंचायी जाएगी.
पेरिस। फ्रांस में कोरोनावायरस महामारी की दूसरी लहर के प्रकोप को कम करने के लिए 15 दिसंबर से लॉकडाउन के साथ कर्फ्यू लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री ज्यां कास्टेक्स ने बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, हम 15 दिसंबर से कर्फ्यू लगाएंगे और यह सख्त होगा। इस बार यह 9 बजे की बजाए 8 बजे से प्रभावी होगा है, हालांकि नए साल पर कर्फ्यू से राहत रहेगी।
उन्होंने कहा कि देश में अभी कोरोना महामारी की दूसरी लहर है। संक्रमण का स्तर तेजी पर है तथा नए संक्रमितों की संख्या अभी कम नहीं हो रही है। हाल के दिनों में इसमें वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय, सिनेमाघर तथा सांस्कृतिक संस्थाएं कम से कम तीन और हफ्तों तक बंद रहेंगी। फ्रांस में कोरोना संक्रमण के 2,337,966 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 56,940 की मौत हो चुकी और 174,658 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।
खास बातें
यरूशलम: इस्राइल के पूर्व अंतरिक्ष रक्षा प्रमुख के एक दावे से एलियंस के अस्तित्व पर फिर से बहस छिड़ गई है. 87 वर्षीय हैम इशेद ने दावा किया है कि एलियंस हकीकत में हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह बात जानते हैं. उन्होंने कहा कि एलियन अमेरिका और इस्राइल के संपर्क में हैं. एलियन नहीं चाहते कि उनके बारे में मानवता जाने क्योंकि इंसान अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं. इशेद ने कहा कि एलियन और अमेरिकी सरकार के बीच एक समझौता हुआ है.
हैम इशेद करीब तीन दशक तक अंतरिक्ष सुरक्षा कार्यक्रम के प्रमुख रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि एक 'गैलेक्टिक फेडरेशन' बनाया गया है. एलियन और अमेरिकी सरकार के बीच जो समझौता हुआ है उसके अनुसार, एलियन अमेरिका की मदद से ब्रह्मांड को समझना चाहते हैं. वह इसपर रिसर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि साझा अभियान के तहत मंगल ग्रह पर एक सीक्रेट अंडरग्राउंड बेस भी तैयार किया गया है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप इस बारे में खुलासा करने वाले थे लेकिन एलियन ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया क्योंकि उनका मानना है कि मानवता अभी इसके लिए तैयार नहीं है. इशेद ने कहा कि एलियन तब तक लोगों के सामने नहीं आएंगे, जब तक मानवता विकसित होकर उस स्तर तक पहुंच नहीं जाती, जब तक कि वह अंतरिक्ष और अंतरिक्षयान और इसके रहस्यों को लेकर अपनी समझ विकसित नहीं कर लेते हैं.
हैम इशेद ने कहा कि अगर उन्होंने यह खुलासा पांच साल पहले किया होता तो उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया होता. उन्होंने अपनी किताब में कुछ इसी तरह के दावे किए हैं. इशेद के दावे पर अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है. इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर भी एलियंस के अस्तित्व को लेकर बहस छिड़ गई है. इतना ही नहीं, इसपर मीम भी खूब वायरल हो रहे हैं.