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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो प्रधानमंत्री की सभाओं व रैली में भी चोरी से बाज नहीं आता था। यह गिरोह देशभर के धार्मिक स्थलों, आयोजनों, क्रिकेट मैच और संगीत कार्यक्रमों में भीड़ का फायदा उठाकर चोरी करता था। पुलिस ने इस गिरोह के दो बदमाशों को दबोचा है। उनकी पहचान असलम (38) और मुकेश उर्फ गोलू (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से चोरी के 46 मोबाइल फोन, एक पिस्टल, चार कारतूस व एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
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::fulltext::आरोपितों ने बताया कि देशभर में होने वाले बड़े आयोजनों का पता लगाने के लिए वे अखबार का सहारा लेते थे। कार्यक्रमों के टिकट ऑनलाइन बुक करते थे। बाद में विमान या ट्रेन से आयोजन स्थल पर पहुंचते थे। वह ब्रांडेड कपड़े पहनकर पहुंचते थे। भीड़ में घुसकर मोबाइल, पर्स व अन्य कीमती सामानों पर हाथ साफ करते थे।
पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि झपटमारी पर अंकुश लगाने वाले सेल व एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वाड को पिछले दिनों इस गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। बुधवार को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य पुरी (ओडिशा) में रथ यात्रा में वारदात को अंजाम देकर ट्रेन से दिल्ली लौट रहे हैं। मौजपुर में टीम को तैनात किया गया। पुलिस ने वहां से असलम और मुकेश को एक बैग के साथ दबोच लिया। बैग में 46 महंगे मोबाइल फोन व अन्य सामान थे, जो उन्होंने रथयात्रा में शामिल होकर चुराए थे।
इस गिरोह में करीब 15 सदस्य हो सकते हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में वारदात कर रहे हैं। इनमें कुछ नाबालिग भी हैं, जिन्हें असलम ने चोरी का प्रशिक्षण दिया है। असलम गिरोह का सरगना है और दिल्ली के नंदनगरी इलाके का घोषित बदमाश है।
प्रधानमंत्री की दो सभाओं में कीं चोरियां
आरोपितों ने हाल में प्रधानमंत्री की सभाओं में भी चोरियां कीं। 27 मई 2018 को बागपत, उत्तर प्रदेश में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन और हाल में नोएडा में सैमसंग फैक्टरी के उद्घाटन कार्यक्रम में इस गिरोह ने कई लोगों के मोबाइल फोन और पर्स उड़ा लिए। बागपत के कार्यक्रम में 50 से अधिक फोन चुराए गए थे।
गिरोह ने मुंबई में गणपति विसर्जन, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच, जस्टिन बीबर लाइव कंसर्ट, ग्रेटर नोएडा में एफ-1 कार रेसिग, ऑटो एक्सपो सहित कई कार्यक्रमों में वारदात की है। असलम करीब बीस साल से गिरोह चला रहा है। वह दस साल से अधिक उम्र के बच्चों की तलाश करता है और प्रशिक्षण देकर चोरी के लिए तैयार करता है। शुरुआत में वह दिल्ली व आसपास के इलाकों को निशाना बनाता था, बाद में देशभर में वारदात को अंजाम देने लगा।
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