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सेक्स या यौन संबंध बनाना हर इंसान की शारीरिक आवश्यकताओं में से एक होता है। सेक्स करने के जितने फायदे होते है। नहीं करने के उतने नुकसान भी होते है। अगर आप सेक्स से करने से परहेज करते हैं तो आपको नहीं मालूम आप कहीं न कहीं अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हो सकता है कि आपके स्पर्म की क्वॉलिटी कम हो जाये ता आपको कैंसर होने का खतरा भी बना रहता है।शायद आपको ये पता नहीं कि सेक्स करना कितना सेहतमंद होता है क्योंकि इससे दूरी बरतने पर आपको कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। न सिर्फ पुरुष बल्कि महिलाओं को भी इसका खामियाजा उठाना पड़ सकता है। आइए जानतें है कि सेक्स से दूरी बनाने का क्या खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
एक अध्ययन के अनुसार जो सेक्स से दूर रहते हैं वो जल्दी तनाव का शिकार बन जाते है कई मौकों पर उन्हें तनाव महसूस होने लगता है, खासकर भीड़भाड़ वाली जगह पर भी कई बार तनाव में आ जाते है क्योंकि सेक्स करने पर एंडोर्फीन हार्मोन यानि फिल गुड हार्मोन का निष्कासन होता है जो स्ट्रेस को कंट्रोल करने में मदद करता है।
सेक्स से परहेज करने का सबसे बड़ा नुकसान अक्सर पुरूष डिप्रेशन में चले जाते हैं उसी तरह महिलायें भी अवसादग्रस्त हो सकती हैं। एक अध्ययन के अनुसार मेलाटोनीन, सेरोटोनीन और ऑक्सिटोसीन पुरूषों के सीमेन या वीर्य में रहता है जो महिलाओं के मूड को बनाने में मदद करता है।
एक शोध के अनुसार जो लोग हफ़्ते में दो बार सेक्स करते हैं वे इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से उतना नहीं जूझते है जितने कि सेक्स नहीं करने वाले जूझते है। क्योंकि सेक्स बार-बार करने पर पेनाइल मसल्स को मजबूती मिलती है।
क्या आपको पता है कि सेक्स कम करने से प्रतिरोधक क्षमता पर फर्क पड़ता है। यानि कम से कम हफ़्ते में एक या दो बार भी सेक्स करने से उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक रहती है क्योंकि उनका आईजीए का लेवल ज्यादा रहता है सेक्स नहीं करने वालों की तुलना में।
अगर आपने सेक्स करना बंद कर दिया है तो जान लें कि शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता भी कमजोर हो जायेगी। अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसियेशन के अनुसार जो बार-बार सेक्स करते हैं उनमें प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना कम होती है सेक्स न करनेवालों की तुलना में।
::/fulltext::सोशल मीडिया पर लड़कियों और महिलाओं को सॉफ्ट टार्गेट समझने वाले लोगों को सबक सिखाने की तैयारी की जा रही है. महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट, ट्रोल और धमकी जैसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ एक पूरी फौज खड़ी की जा रही है. इसके लिए जल्द ही राष्ट्रीय महिला आयोग साइबर पीस फाउंडेशन के साथ मिलकर 60 हजार लड़कियों और महिलाओं को ट्रेंड करेगा. ये 60 हजार लड़कियां और महिलाएं पहले ऑनलाइन अपराधों को रोकने के लिए सुरक्षित डिजिटल उपयोग और खासतौर पर सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि एप्लीकेशन का इस्तेमाल, सेफ मेलिंग की ट्रेनिंग लेंगी. इसके बाद ऑनलाइन अपराधों की शिकार हो रहीं अन्य महिलाओं को इससे बाहर निकलने और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल करने में भी मदद करेंगी.
कहा-कहा चलाया जाएगा ट्रेनिंग प्रोग्राम
महिलाओं और लड़कियों को ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रहा राष्ट्रीय महिला आयोग 18 जून 2018 से अपने इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने जा रहा है. इन लड़कियों को साइबर पीस फाउंडेशन की टीम ट्रेंड करेगी. फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत कुमार बताते हैं कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पहले चरण में हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, मणीपुर, सिक्किम, मेघालय, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में चलाया जाएगा. इसकी शुरुआत चंडीगढ़ से होने जा रही है.
अलग-अलग क्षेत्रियों भाषाओं में दी जाएगी जानकारी
विनीत बताते हैं कि इस प्रशिक्षण का मकसद महिलाओं को सोशल मीडिया पर सुरक्षित रखने के साथ ही इंटरनेट और ई-मेल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी देना है. इस दौरान डिजिटल मीडिया के खतरों से भी महिलाओं को रूबरू कराया जाएगा. अगर कोई महिला अपने साथ हुए साइबर क्राइम की शिकायत करती है तो तत्काल उसकी रिपोर्ट सोशल मीडिया एजेंसी और राष्ट्रीय महिला अायोग को दी जाएगी. साथ ही महिलाओं को बताया जाएगा कि वे किस तरह ऐसे अपराधों की शिकायत कर सकती हैं. सबसे खास बात होगी कि विभिन्न क्षेत्रों में 18 साल से ऊपर की सभी महिलाओं को उनकी क्षेत्रीय भाषा में यह जानकारी दी जाएगी. इसके लिए राज्य सरकार, राज्य महिला आयोग और विश्वविद्यालय महिलाओं तक पहुंचने में मदद कर रहे हैं. कोशिश की जा रही है कि इन महिलाओं को प्रमाण पत्र भी दिया जाए, हालांकि अभी इसपर बातचीत चल रही है.
::/fulltext::भारतीयों का गोरे रंग के प्रति कितना मोह है यह किसी से छिपा नहीं है। गोरा होना ही खूबसूरत मान लिया जाता है भले ही नाक-नक्श कैसे भी हो। इसी का लाभ कुछ कंपनिया खूब कमाती है गोरा होने की क्रीम बेचकर। दु:ख की बात तो यह है कि कुछ सितारे ही इन क्रीमों का प्रचार करते हैं और कम अक्ल वालों को गुमराह कर देते हैं। बॉलीवुड में हीरोइनों के लिए गोरा होना अनिवार्य माना जाता है, लेकिन इस सोच के बीच कुछ सांवली हीरोइनों ने अपना परचम फहरा कर साबित किया कि वे भी खूबसूरती के मामले में किसी से कम नहीं हैं और उनकी फैन फॉलोइंग भी जबरदस्त है।